अब कचरे से कमाई करेगा उज्जैन नगर निगम, 7 एकड़ में बनेगा प्रदेश का दूसरा कंप्रेस्ड बायो गैस प्लांट

WhatsApp Image 2025-09-19 at 11.24.35 PM

उज्जैन नगर निगम ने अब कचरा से कमाई करने के कॉन्सेप्ट पर बड़ा काम करने की ठान ली है। यह पहली बार है जब कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट पर काम किया जा रहा है, जिसमें कचरे से गैस बनाई जाएगी। पीपीपी मॉडल के तहत तैयार वाले इस प्लांट में गीले कचरे से गैस बनाई जाएगी और फिर इसे एजेंसियों को बेचा जाएगा। एजेंसियों को बेचे जाने के अलावा शहर में इसके प्लांट लगाने पर भी आगे चलकर विचार विमर्श होगा।

कितनी आएगी लागत

कंप्रेस्ड बायो गैस क्वालिटी के मामले में सीएनजी से भी अच्छी होती है। उज्जैन के गोंदिया ट्रेंचिंग ग्राउंड पर 7 एकड़ जमीन पर 30 करोड रुपए की लागत से इस प्लांट को तैयार किया जाएगा। शहर में रोजाना 230 टन कचरा निकलता है जिनमें से 60% गीला और 40% सूखा होता है। यह सारा कचरा शहर से 20 किलोमीटर दूर गोंदिया ट्रेंचिंग ग्राउंड पर वाहनों के जरिए पहुंचाया जाता है।

बचेगा 1 करोड़ रुपया

फिलहाल ट्रेंचिंग ग्राउंड पर जो प्लांट संचालित किया जा रहा है उसकी देखरेख कंपनी करती है, जिसे सालाना एक करोड रुपए का भुगतान किया जाता है। यह कंपनी यहां आने वाले कचरे से जैविक खाद बनाने का काम करती है। बायोगैस प्लांट शुरू हो जाने के बाद नगर निगम यह एक करोड़ रुपए बचा सकेगी। इसी के साथ बायोगैस बनाने और बेचने से निगम को अच्छी आय भी होगी।

उज्जैन में बनाया जा रहा बायोगैस का यह प्लांट प्रदेश का दूसरा प्लांट होगा जहां पर कचरे के जरिए कंप्रेस्ड बायोगैस का निर्माण किया जाएगा। नगर निगम द्वारा इस प्लांट के निर्माण के लिए कंपनियों से संपर्क किया जा चुका है और जल्द ही गोंदिया की 7 एकड़ जमीन पर प्लांट लगाने के बाद उज्जैन में भी बायोगैस और कंपोस्ट का निर्माण किया जाएगा।

Views Today: 2

Total Views: 154

Leave a Reply

error: Content is protected !!