बड़वाह- जनहित तथा न्यायप्रियता से कार्य करने की शपथ ग्रहण करने वाले खनिज और राजस्व विभाग के अधिकारियो की ईमानदारी की एक झलक देखे तो लोग दांतों तले उंगलियां दबा लें। प्रकृति को लगातार नुकसान पहुंचाने वाले खनन माफियाओं पर लगाम कसने के लिए सख्त से सख्त कानून बने। लेकिन अवैध खनन माफिया की मिलीभगत से जिम्मेदार खूब मौज में है। आज भी नर्मदा किनारे बालू रेत का अवैध उत्खनन जोरो-सोरो पर है। लेकिन ऐसे रेत माफियाओं पर कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई है। अवैध उत्खनन पर रोक होने के बावजूद बड़ी मात्रा में खनन माफिया अवैध रेत बेचकर मोटी रकम हासिल कर चुके है। जो इस अवैध व्यापार को सुचारू रूप से चलाने के नए-नए तरीके खोजते नज़र आते है। ताकि अधिकारियो को आसानी से गुमराह किया जा सके। अब निमाड़ क्षेत्र में नर्मदा किनारे कई स्थानों पर बड़ी मात्रा में अवैध खनन तेजी से पैर पसार रहा है। जिससे प्रकृति को नुकसान हो रहा है । लेकिन जिम्मेदारो की खामोशी समझने से परे है।
अवैध उत्खनन के साथ रेत का स्टॉक
बड़वाह क्षेत्र के नावघाट खेड़ी स्थित नर्मदा नदी किनारे बालू रेत का अवैध उत्खन विगत कुछ माह से चोरी-छुपे फिर शुरू हो चुका है। जबकि रेत खदान के ठेके खत्म होने के बावजूद रेत के ओवरलोड डंपर बड़ी संख्या में शहर में लाकर स्टॉक किए जा रहे है। जो टैक्टर ट्राली से बिना रॉयल्टी के निर्माण कार्यों के लिए जगह जगह बेचे जा रहे है।हालाकी ऐसे मामलो की जानकारी खनिज विभाग के अधिकारियो को मिल रही है। जिनके द्वारा शिकायत मिलने के बावजूद कार्यवाही नही करना अधिकारियो की कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह लगा रही है। इस तरह ग्राम कपास्थल, सेमरला , मुरल्ला, गंगात खेड़ी जैसे ग्रामीण क्षेत्रों में नर्मदा किनारे पर अवैध खनन का खुला खेल चल रहा है। जहा खनन माफिया बेखोफ होकर बड़ी मात्रा में मनचाही जगह से उत्खनन कर शहर में बालू रेत बेच रहे है। यदि नर्मदा किनारे ऐसे ही अवैध उत्खनन जारी रहा तो माई का किनारा बड़े बड़े गड्डडो में तब्दील हो जाएगा।जो राजस्व और खनिज विभाग की ईमानदारी और सक्रियता पर कई सवाल खड़े करेगा।
रेत धुलाई का कार्य भी नर्मदा किनारे
नावघाट खेड़ी स्थित एक्वाडक्ट पुल के नीचे दो ट्रैक्टरों को अवैध उत्खनन के दौरान भरते देखा गया। जहां एक तरफ ट्रैक्टर में रेत भरने का कार्य किया जा रहा था। तो वहीं दूसरी तरफ इंजन लगाकर पानी से रेत धोने का कार्य किया जा रहा था। हालांकि ऐसे अवैध कार्य के दौरान रेत माफिया अपनी नजर मुख्य मार्गों पर जमाए बैठे थे। ताकि अधिकारी के आते ही मामला रफा दफा कर दिया जाए ।उल्लेखनीय है की शहर की अनेक कालोनियों में रेत कारोबारियों ने अपने रेत के स्टॉक कर रखे है। जहा बिना रॉयल्टी के रेत बेचने का काम जोरो से चल रहा है।
इनका कहना है – एसडीएम प्रदीप कुमार सोनी
हमे जहा जहा पर अवैध रेत उत्खनन करने की सूचना मिलेगी । हम विभाग द्वारा उन स्थानों पर कार्यवाही करेंगे ।
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