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Sunday, 11 October 2026
देवास मध्य प्रदेश

मप्र अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त मोर्चा ने 25 सूत्रीय मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन

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देवास- मध्यप्रदेश ऐसा राज्य बन गया है। जहां पिछले 7 वर्षों से प्रदेश के अधिकारियों कर्मचारियों की पदोन्नति रुकी है, जिससे कर्मचारियों में निराशा व सरकार के प्रति आक्रोश बढ़ता है। अपनी 25 सूत्रीय मांगों के संबंध में मप्र अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा ने प्रदेश आव्हान पर कलेक्ट्रेट में नारेबाजी कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि मप्र के समस्त अधिकारी कर्मचारियों हेतु पुरानी पेंशन योजना प्रारंभ किया जाए। केन्द्र के समान महंगाई भत्ता देते हुए एरियर्स की राशि का भुगतान किया जाए। वाहन चालकों की नियमित भर्ती किया जाकर पदनाम परिवर्तित कर टैक्सी प्रथा पर पूर्णत: प्रतिबंध लगया जाए। लिपिक संवर्ग को मंत्रालय के समान समयवान वेतनमान दिया जाए।  समस्त विभागों कर्मचारियों को समयमान वेतनमान का लाभ पदोन्नति वेतनमान के अनुसार दिया जाए। नए शिक्षा संवर्ग में नियुक्ति अध्यापक संवर्ग को नियुक्ति के स्थान पर संविलयन के आदेश दिए जाए।

नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता के आदेश जारी करते हुए क्रमोन्नति के लाभ दिए जाए। पंचायत सचिव एवं स्थाई कर्मियों को सांतवे वेतनमान मान लाभ दिया जाए। भृत्य का पदनाम परिवर्तित किया जाकर कार्यालय सहायक किया जाए। आशा कार्यकर्ताओं को 10 हजार रूपए प्रतिमाह मानदेय दिया जाए आदि अन्य मांगे शामिल है। समय रहते मांगे पूरी नही होती है तो संयुक्त मोर्चा प्रदेश स्तर पर आंदोलन करेगा। ज्ञापन के दौरान संयुक्त मोर्चा के जिलाध्यक्ष नरेन्द्र सिंह राजपूत, वाहन चालक संघ जिलाध्यक्ष अशोक सोनी, सहज सरकार, वर्षा सिंह नेगी, कमलेश अवस्थी, शिवेश शर्मा, सीमा चौहान, जितेन्द्र सिंह ठाकुर, रविन्द्र पाल सिंह तंवर, गंगासिंह सोलंकी, अशोक वर्मा, लेखराज मीणा, महेन्द्र  सिंह तोमर, रामचंद्र यादव सहित संयुक्त मोर्चा के समस्त पदाधिकारी/कर्मचारी, सदस्य एवं कर्मचारी संगठनों के समस्त जिलाध्यक्ष उपस्थित थे।

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