देवास- जिले में प्रशासनिक व्यवस्था किस तरह लचर हो चुकी है, इसकी बानगी जनसुनवाई में दिखी। एक आवेदन ने कलेक्टर ऋषव गुप्ता से त्यागपत्र मांग लिया। अधिकारियों-कर्मचारियों के रवैये के चलते ऐसा किया गया। ग्राम बरखेड़ा निवासी रामसिंह पिता करणसिंह राजपूत जनसुनवाई में कलेक्टर के समक्ष आवेदन लेकर पहुंचे। कई बार आवेदन के बाद भी समस्या का निराकरण नही हो पाया तो कलेक्टर के आदेश का अधीनस्थ अधिकारियों-कर्मचारियों ने पालन नही किया। राजपूत ने बताया कि देवास से बागली तक का स्टेट के टाईम का रास्ता खुलवाने के लिए कई बार आवेदन दिया।ञ लेकिन आज तक सुनवाई नही हुई। 2013 में जिला कलेक्टर ने निर्देश दिए थे, लेकिन 22 वर्ष बीत जाने के बाद भी किसी ने सुनवाई नही की। आवेदन देते हुए श्री राजपूत ने कलेक्टर से त्यागपत्र की मांग कर डाली।
आवेदन राजपूत ने बताया कि उनकी धर्मपत्नी के नाम भूमि का सीमांकन पत्रक, एक स्मरण पत्र कई बार जनसुनवाई में दिया गय। बावजूद सुनवाई नही हुई। जब कलेक्टर के आदेश का अधीनस्थ अमला पालन नही कर रहा तो समझा जा सकता है कि प्रशासनिक व्यवस्था कैसी होगी। शिकायतकर्ता राजपूत ने बताया कि मैंने अपनी भूमि बेचकर 12 लाख पूंजी आईसीआईसीआई बैंक शाखा राजोदा में जमा की थी। मैंने मेरी राशि बैंक से मांगी मुझे आज तक नही मिल पाई। जनसुनवाई में भी आवेदन दिया, लेकिन कोई कार्यवाही नही हो पाई। इसी प्रकार भारतीय स्टेट बैंक मोती बंगला में मेरे खाते से 12 हजार रूपए फर्जी चेक से निकाल लिए गए। चोर पकड़े भी गए, लेकिन पैसे मुझे नही मिले। ऐसी कई जटिल समस्या है, जिसके निराकरण हेतु बार-बार चक्कर लगा रहा हूँ, लेकिन सुनवाई नही हो रही। राजपूत ने कलेक्टर से गुहार लगाई शिकायत के आधार पर समस्या का निराकरण करे।

