अनोखा तीर, हरदा। प्रदेश में एक बार फिर स्वास्थ्य व्यवस्थाएं चरमराने के आसार हैं। क्योंकि शासन द्वारा उनकी मांगें पूरी न करने पर प्रदेश के संविदा स्वास्थ्य कर्मी आंदोलन की राह अपना सकते हैं। ज्ञात हो कि संघ ने प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी को एक पत्र सौंपा है। इस पत्र में कहा है कि अब कर्मचारी खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। हड़ताल दौरान सरकार ने आश्वासन दिया था। मगर यह पूरा नहीं हुआ है। इससे एक बार फिर स्वास्थ्यकर्मियों को आंदोलन करने मजबूर होना पड़ेगा। स्वास्थ्यकर्मियों का कहना है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संविदा कर्मचारियों को वरिष्ठता के आधार पर विभाग में रिक्त पदों पर समायोजित किया जाए और अन्य कर्मचारियों को 5 जून 2018 को सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा पारित की गई नीति अनुसार रेगुलर कर्मचारियों के समकक्ष 90 प्रतिशत वेतनमान तत्काल लागू किया जाए। सीएचओ कैडर को एमएलएचपी कैडर के तहत नियमित किया जाए। इसके अलावा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन से हटाकर आउट सोर्स एजेंसी में शामिल किए गए सपोर्ट स्टाफ कर्मचारियों को भी राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में मर्ज किया जाए या फिर विभाग में रिक्त पदों पर समायोजन किया जाए। साथ ही निष्कासित किए गए कर्मचारियों को तत्काल वापस लिया जाए।
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