विकास पवार बड़वाह – आगामी विधानसभा चुनाव आते ही जनप्रतिनिधियों को नगर और आसपास के क्षेत्रो की अब चिंता होने लगी है। हालाकि विधायक सचिन बिरला का कार्यकाल पूर्ण होने को है। लेकिन बड़वाह नगर को उनके द्वारा अभी तक कोई विशेष सौगात नहीं दी गई ।जबकि पिछले विधानसभा चुनाव में उनके द्वारा किए कई वादे आज भी खोखले नजर आ रहे है। वही नई घोषणाओं पर भी अभी तक कोई अमल नहीं हो सका। जिसके बाद आज फिर बड़वाह शहर के जागरूक नागरिक जनप्रतिनिधियों से बड़वाह को जिला बनाने की उम्मीद लगाए बैठे है । स्थानीय नागरिकों की यह उम्मीद आखिर कब पूरी होगी ? इसका भी जनप्रतिनिधि से अभी तक कोई संतोषजनक जवाब नही मिल सका। वही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह द्वारा 14 अप्रैल को महेश्वर को जिला बनाने की चर्चा शहर में जोरो पर है । यदि महेश्वर को जिला बनाया जाता है । तो बड़वाह नगर के जनप्रतिनिधियों की राजनीति पर कई सवाल खड़े होंगे। जबकि बड़वाह वासियों का जिला बनाने का सपना फिर अधूरा रह जायेगा। हालाकि समय रहते इस और आम जनता और जनप्रतिनिधि युद्ध स्तर पर प्रयास करे। तो नगरवासियों का सपना साकार होने की कुछ उम्मीद पूरी होती दिखाई दे रही है ।
सांसद ने सड़क निर्माण और एमआरआई मशीन के लिए लिखा पत्र ——
क्षेत्रीय सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने अपनी जीत के बाद कई बार बड़वाह विधानसभा का दौरा किया है। लेकिन विधायक की कार्यशैली की तर्ज पर बड़वाह क्षेत्रवासियों के लिए श्री पाटिल द्वारा भी कोई विशेष सौगात नहीं मिली । लेकिन हाल ही में श्री पाटिल ने आगामी नवरात्रि पर्व के पहले जयंती माता मंदिर जाने वाले जंगल मार्ग के सड़क निर्माण की मांग कृषि मंत्री और जिला प्रभारी कमल पटेल को एक पत्र लिखकर की है। जिसमे उन्होंने बताया की जयंती माता मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं को पथरीले मार्ग और श्रतिगस्त दो नालों से होकर गुजरना पड़ता है। जहा आरसीसी सड़क निर्माण कर श्रद्धालुओ के लिए सुगम मार्ग बनाना अतिआवश्यक है। जबकि श्री पाटिल ने लोक स्वास्थ एवम परिवार कल्याण मंत्री प्रभुराम चौधरी से बड़वाह शासकीय अस्पताल में एम आर आई स्कैन मशीन उपलब्ध करवाने की भी मांग की है। जिसके लिए श्री पाटिल ने उन्हें एक पत्र भी लिखा है। जिसमे उन्होंने बताया की हमारे क्षेत्र में इंदौर इच्छापुर हाईवे मार्ग पर आए दिन छोटी बड़ी वाहन दुर्घटनाएं होती है। वही तीर्थ नगरी ओमकारेश्वर जाने के लिए यह हाईवे प्रमुख मार्ग है। जहा से गुजरने वाले व्यक्तियों को किसी भी दुर्घटना के दौरान उपचार के लिए शासकीय अस्पताल बड़वाह लाया जाता है। ऐसी स्थिति में शरीर में अंदरूनी जांच करने के लिए एम आर आई मशीन नही होने से मरीजों को इंदौर रैफर करना पड़ता है। जिसके कारण मरीज और उनके परिजनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस बात को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द बड़वाह सिविल अस्पताल में एमआरआई मशीन उपलब्ध करवाई जाए। ताकि पीड़ित को समय पर अच्छा उपचार मिल सके और किसी भी विपरित परिस्थिति में घायल को इंदौर रैफर नही करना पड़े।

