अनोखा तीर, हरदा। प्रदेश की जीवनरेखा नर्मदा नदी के किनारे पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा। यहां होम स्टे बनाने के लिए सौ गांवों का चयन किया है। इसमें हरदा के हंडिया और देवास के बजवाड़ा, मंडलेश्वर, गोला-गुठान, टिपरास ग्राम में नर्मदा किनारे होम स्टे बन रहे हैं। इससे पर्यटन के साथ ही देशी भाषा, ग्रामीण परिवेश, अध्यात्म के साथ-साथ स्थानीय कला व संस्कृति को भी बढ़ावा मिलेगा। वहीं नए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। मप्र टूरिज्म द्वारा पंचायत में छह से अधिक होमस्टे 800 वर्गफीट के होम स्टे बनाए जाएंगे। इसमें निगम द्वारा दो लाख रुपए प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसमें अन्य प्रदेशों से आने वाले पर्यटक चकाचौंध व भागदौड़ भरे जीवन से दूर कुछ समय सुकून से रहेंगे।
क्या है योजना
नर्मदा किनारे बन रहे होम स्टे में प्लिंब लेवल तक काम ईंट व सीमेंट का होगा। इसके बाद चूने से जुड़ाई होगी, ताकि अंदर ठहरने वालों को कम गर्मी लगे। इसी के साथ बिजली कनेक्शन तो होगा, लेकिन एसी, फ्रिज नहीं होगा। साथ ही पर्यटकों को चूल्हे की रोटी व स्थानीय सब्जी, चटनी का जायका मिलेगा। हाल ही में मुंबई के टूर ऑपरेटर्स ने भी हंडिया, नेमावर का दौरा किया। इसमें उन्होंने रिद्धनाथ, सिद्धनाथ मंदिर, जोगा, शिवकरुणा धाम आश्रम सहित नर्मदा तट पर बने प्राचीन मंदिरों को देखा। इसमें अध्यात्म, धर्म और संस्कृति से लोगों का जुड़ाव होगा। भागदौड़ भरे जीवन में लोग सुकून के पल गुजार पाएंगे। उन्हें खाने में चूल्हे की रोटी, स्थानीय सब्जी व चटनी का जायका मिलेगा। आसपास के पर्यटन व धार्मिक स्थलों पर भी पर्यटक घूम सकेंगे।
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