दैनिक अनोखा तीर, भोपाल। आज मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ पर व्यंग्यात्मक लहजे में तीखे प्रहार किए। उन्होंने कहा कि सोने की चम्मच मुंह में लेकर पैदा होने वाले कार्पोरेट राजनीति करने वाले कमलनाथ पर उम्र हावी हो रही है। शिवराज सिंह ने कहा कि आप भला किसान हो भी नहीं सकते ओर किसानों का दुख भी नहीं समझ सकते। तभी तो किसानों से कर्ज माफी का वादा करके पलट गए। मामा भी कैसे हो सकते हो? मामा बनने के लिए दिल में बहन बेटियों के लिए इज्जत होती है। ऐसे ही हर कोई मामा थोड़ी बन जाता है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने गत दिवस इन्दौर में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा था कि मैं ना कोई किसान का बेटा हूं, न ही चाय वाला, न राजा महाराजा , न कोई कलाकार या मामा हूं। इसलिए मैं राजनीति के दांव पेंच भी नहीं जानता। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के इसी बयान पर आज मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल के स्मार्ट सिटी पार्क में पौधरोपण उपरांत मीडिया से चर्चा करते हुए पलटवार करते हुए खूब चुटकियां ली। उन्होंने कहा कि कल पता नहीं कमलनाथ क्या क्या बोल रहे थे। मैं किसान नहीं हूं, मामा नहीं हूं, चाय वाला नहीं ऐसा ही कुछ कहा था। वास्तव में अब कमलनाथ जी पर उम्र हावी हो गई है। उन्होंने कहा कि कार्पोरेट राजनीति करने वाला, मौका मिलते ही प्रदेश को लूटने वाला चाय वाला कैसे हो सकता है। चाय वाला कोई गरीब ही हो सकता है जो माटी की सौंधी खुशबू जानता हो। कमलनाथ जी यह आप नहीं आपका अहंकार बोल रहा था। आपकी नजर में विधायकों की कोई कीमत नहीं है। मुझे तो आप पर तरस आता है कि आप या आपकी कांग्रेस यह नहीं जानती कि विधायक ही मुख्यमंत्री चुनते हैं। आप पहले भी इसी तरह विधायकों से कहते थे कि चलो चलों और वह आपको छोड़कर चले आए। अब आप एक ओर तो स्वयं को अवश्यंभावी मुख्यमंत्री कहते हो ओर दूसरी ओर कह रहे हो कि मुझे विधायकों की जरूरत नहीं है। मुझे तो आप पर तरस आता है।

