Skip to content
Thursday, 29 October 2026
सीहोर

कछुआ चाल से चल रहा प्रज्जवल बुदनी विद्युत पोल शिफ्टिंग कार्य

3 min read
Anokhateer editorial default
Text Size:

काम के नाम पर हो रही कटौती, क्षेत्रवासी परेशान
गजेंद्र खंडेलवाल नसरूल्लागंज। प्रज्जवल बुदनी के तहत लगभग साढ़े छह करोड़ रुपए की लागत से चल रहे नगर के इंदौर-भोपाल मार्ग पर विद्युत पोल शिफ्टिंग कार्य की गति कछुआ चाल से चलने से क्षेत्रवासी परेशान हैं। काम करने वाली कंपनी के द्वारा काम के नाम पर परमिट लेकर हर दिन चार से पांच घंटे की कटौती की जा रही हैं। जिसका खामियाजा विद्युत से जुड़े कामगारों व आम उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। जिस गति से काम संचालित है उसे देखकर अनुमान लगाया जा सकता हैं कि आने वाले तीन से चार माह तक ऐसे ही हालातों से उपभोक्ताओं को गुजरना पड़ेगा। अभी तक तो ठंड होने से बिजली कटौती को हर किसी ने बर्दाश्त किया है, लेकिन अब ग्रीष्मकाल शुरु हो चुका हैं और सूरज की तेज तपिश में भी तेजी आने लगी हैं। ऐसे में यदि विद्युत की कटौती पांच से छह घंटे होगी तो शहरवासी गर्मी से हलाकान हो जाएंगे। प्रज्जवल बुदनी के नाम पर होने वाली कटौती सिर्फ शहर तक ही सीमित नहीं हैं इसकी आंच ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंच रही हैं। उल्लेखनीय है कि नगर में इंदौर-भोपाल मुख्य सडक़ मार्ग पर लगभग साढ़े 6 करोड़ की लागत से विद्युत पोल शिफ्टिंग का काम तीन अलग-अलग कंपनियों के द्वारा किया जा रहा हैं। इस कार्य में शिफ्टिंग के अतिरिक्त नये ट्रंासफार्मरों की स्थापना व पुराने ट्रांसफार्मरों की मरम्मत भी की जाना हैं। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में भी जर्जर अवस्था में पहुंच चुके ट्रांसफार्मरों व विद्युत पोलो को दुरुस्त करने का काम किया जा रहा हैं। लेकिन दो माह का समय बीत चुका हैं और अभी तक योजना के तहत महज 30 प्रतिशत कार्य ही पूरा हो पाया हैं। ऐसे में धीमी गति से काम संचालित होने व एक दिन छोडक़र चार से पांच घंटे की कटौती किये जाने से नगर का व्यापार सहित आम उपभोक्ता परेशान हो रहे हैं।

काम के नाम पर शहर सहित गांवो की बिजली गुल
विद्युत लाईनों की मरम्मत, पोल शिफ्टिंग व ट्रंासफार्मरों को बदलने के लिए सप्ताह में चार दिन चार से पांच घंटे की कटौती हो रही हैं। कटौती के कारण बिजली से जुड़े सारे काम तो ठप्प हो ही जाते हैं वहीं घरेलू काम भी प्रभावित हो रहे हैं। सबसे बड़ी समस्या पेयजल से जुड़ी होने के बाद भी इस मामले में स्थानीय जनप्रतिनिधि मौन साधे बैठे हुए हैं। मुख्य फीडर बंद होने का असर कई गांवो में भी साफ तौर पर देखा जा सकता है। हालांकि विभाग के द्वारा कटौती किये जाने का शेड्यूल तो हर बार जारी किया जा रहा है, लेकिन उसमें यह उल्लेख नहीं होता हैं कि कटौती किन-किन क्षेत्रों में होगी।

अतिक्रमण बना बाधक, अधिकारी परेशान
नगर के मुख्य नेशनल हाईवे 146 बी के दोनों साइड कई दुकानदार 45 से 50 फिट की परिधि में जमें हुए है। जबकि पोल शिफ्टिंग के लिए सडक़ के दोनों साइड 45 से 52 फिट तक जगह होना चाहिए। कई स्थानों पर तो बिल्डिंग नाली तक बनी होने के कारण विभाग यहां पर पोल शिफ्टिंग भी नहीं कर पा रहा है। ऐसे बहुत से स्थान है जहां आधा काम करके विभाग ने काम बंद कर दिया है। विभाग का मानना हैं कि नगर से गुजरने वाली 11 केव्ही की लाईन की दूरी भवनों से कम से कम 5-6 फिट होना चाहिए, लेकिन नगर में कई स्थानों पर बिल्डिंग के ऊपर से ही लाईन गुजर रही हैं जो आगामी दिनों में बड़ा दुर्घटना का कारण बन सकती है। ऐसे में नप सहित स्थानीय प्रशासन को सख्ती से अतिक्रमण हटाकर पोल शिफ्टिंग कार्य को प्राथमिकता से कराना होगा।

109 Views
What do you think?

Leave a Reply