-कांग्रेस खुद अपनो से परेशान, वह इतने सजग और सक्रिय है कि खुद अपने उम्मीदवार का फॉर्म भी सही ढंग से नहीं भरवा पाए
-भैरूंदा में लोक जनकल्याण शिविर-विकास, जन-सेवा और आत्मनिर्भरता का महाकुंभ
अनोखा तीर, भैरुंदा। रविवार को नगर के सांदीपनि विद्यालय मैदान पर आयोजित लोक कल्याण शिविर को संबोधित करते हुए केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत को भगवान का वरदान है। उन्होंने प्रधानमंत्री के 12 वर्षों के कार्यकाल पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह समय देश के सर्वांगीण विकास का है। उन्होंने कहा विकास केवल सड़कों तक सीमित नहीं है। यह समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं के पहुँचने का नाम है। चौहान ने बताया कि देश में सड़कों का नेटवर्क तेजी से फैला है, रेलवे का 99 प्रतिशत विद्युतीकरण पूरा हो चुका है और वंदे भारत जैसी अत्याधुनिक ट्रेनें भारतीय रेल की शान बड़ा रही है। पोर्ट और एयरपोर्ट के विस्तार से व्यापारिक गतिविधियों को गति मिली है। उन्होंने देश की सुरक्षा पर जोर देते हुए कहा कि पहले भारत हथियार आयात करता था। आज हम निर्यात कर रहे हैं। आंतरिक सुरक्षा के मोर्चे पर नक्सलवाद जैसी चुनौतियों को लगभग समाप्त कर दिया गया है। केंद्र सरकार की सब्सिडी व्यवस्था पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि खाद की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में भारी वृद्धि के बावजूद प्रधानमंत्री मोदी ने किसान पर बोझ नहीं पढ़ने दिया। ढाई से तीन लाख करोड़ रुपए की सब्सिडी का भार सरकार खुद उठा रही है ताकि यूरिया और डीएपी किसानों को किफायती दरों पर उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि खाद सीधे किसान के हाथों तक पहुंचे, बिचौलियों या गलत हाथों में नहीं।
स्वागत सत्कार में फूल-माला नहीं, अब केवल जनकल्याण
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंच से एक अनूठी और अनुकरणीय पहल की शुरुआत की। उन्होंने उपस्थित भाजपा कार्यकर्ताओं और जनसमूह से स्पष्ट शब्दों में अपील की कि अब से स्वागत-सत्कार के लिए फूल, माला, बुके या मोमेंटो का उपयोग पूरी तरह बंद किया जाए। उन्होंने कहा स्वागत में खर्च होने वाली राशि जनता की सेवा के लिए उपयोग में लाई जानी चाहिए। इस पैसे से विद्यार्थियों को कॉपियां और पुस्तकें भेंट की जाएं। गरीबों की आवश्यकताओं को पूरा किया जाए। मंत्री ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और विधायक से आग्रह किया कि वह इसे एक आंदोलन के रूप में अपनाएँ ताकि भविष्य के कार्यक्रमों में अनावश्यक फिजूलखर्ची पर रोक लग सके।
जनकल्याण शिविर, समस्याओं का त्वरित समाधान
शिविर के आयोजन का मूल मंत्र एक ही छत के नीचे सभी समाधान था। अक्सर आम नागरिक अपने छोटे-छोटे कामों के लिए अलग-अलग सरकारी विभागों के दफ्तरों के चक्कर लगाते हुए थक जाते हैं। इस शिविर में प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों के स्टॉल एक ही मैदान में सजाए थे। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि शिविर के माध्यम से आवेदनों का संकलन और पात्र हितग्राहियों का चयन घटनास्थल पर ही किया जा रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के संदर्भ में कहा कि जितने भी हितग्राही अपात्र घोषित हुए हैं, उनका एक बार फिर सर्वे किया जाए। उन्होंने विधायक और जनप्रतिनिधियों को निर्देश दिए कि वह खुद मैदान में उतरें और ऐसे लोगों को चिन्हित करें जो वाकई हकदार हैं। उन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि 1500 आवेदनों में से 1300 किसानों के कार्ड बनकर तैयार हो चुके हैं जो कि एक बड़ी उपलब्धि है।
28.53 करोड़ की सौगात किया शिलान्यास और लोकार्पण
केंद्रीय मंत्री ने कुल 28.53 करोड़ रुपए की परियोजनाओं का लोकार्पण और भूमि पूजन किया। यातायात को सुगम बनाने के उद्देश्य से नेहरूगांव-जोगला मार्ग 3.94 करोड़, बड़गांव आंतरिक मार्ग 2.41 करोड़, चींच से जामुनवाले टप्पर मार्ग 1.64 करोड़ और गोपालपुर-डोबा मार्ग 2.61 करोड़ का उद्घाटन किया गया। इसके अतिरिक्त 4.81 करोड़ की लागत से बना नवीन रेस्ट हाउस और 1.18 करोड़ की लागत का प्राथमिक सहकारी भवन भी जनता को समर्पित किया गया। शिक्षा और सामाजिक उत्थान के लिए सांदीपनि विद्यालय परिसर में 8 करोड़ की लागत से बनने वाला 200 सीटर बालक-बालिका छात्रावास और निमोटा में 3.94 करोड़ की लागत से बनने वाला कन्या आश्रम क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
नशा परिवार का विनाशक, 6000 दीदीओं को लखपति बनाना है
मंत्री ने नशे को परिवार का विनाशक बताते हुए पुलिस प्रशासन को कहा कि ग्रामीण अंचलों में अवैध शराब की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगना चाहिए। उन्होंने मंच से पुलिस को निर्देश दिए कि दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। वहीं लखपति दीदी अभियान की समीक्षा करते हुए मंत्री ने बताया कि भैरूंदा में 6000 महिलाओं को लखपति बनाने का लक्ष्य रखा गया है। जिसमें से 1500 महिलाएं इस दिशा में आगे बढ़ चुकी हैं। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों को रोजगार से जोड़ना ही हमारी प्राथमिकता है।





