अनोखा तीर, मसनगांव। मलमास (अधिकमास) की समाप्ति के बाद क्षेत्र में एक बार फिर शहनाइयों की गूंज सुनाई देने लगी है। जून और जुलाई में विवाह के शुभ मुहूर्त शुरू हो चुके हैं, लेकिन यह सिलसिला अधिक दिनों तक नहीं रहेगा। ज्योतिषीय गणना के अनुसार 25 जुलाई से चातुर्मास प्रारंभ हो जाएगा, जिसके बाद लगभग चार माह तक विवाह सहित अन्य मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाएगा। साल के अंतिम विवाह मुहूर्तों को लेकर विवाह योग्य युवक-युवतियों के परिवारों में तैयारियां जोरों पर हैं। विवाह स्थल, कैटरिंग, बैंड-बाजा तथा अन्य व्यवस्थाओं की बुकिंग के लिए एक बार फिर लोगों की भीड़ बढ़ने लगी है। बाजार में भी शादी-विवाह से जुड़े कारोबार में रौनक दिखाई देने लगी है। टिमरनी के ज्योतिषाचार्य पंडित योगेश तिवारी ने बताया कि जून माह में विवाह के लिए 23, 24, 25, 26, 27 और 29 जून को शुभ मुहूर्त उपलब्ध हैं। वहीं जुलाई माह में 1, 6, 7 और 11 जुलाई को ही विवाह के शुभ योग बन रहे हैं। इसके बाद चातुर्मास प्रारंभ होने से विवाह समारोहों पर विराम लग जाएगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार चातुर्मास के दौरान भगवान विष्णु योगनिद्रा में चले जाते हैं। इसलिए इस अवधि में विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन और अन्य मांगलिक कार्य नहीं किए जाते। चातुर्मास समाप्त होने के बाद ही पुन: शुभ कार्यों की शुरुआत होती है।
बाजार में बढ़ी रौनक
विवाह मुहूर्त सीमित होने के कारण मैरिज गार्डन, बैंक्वेट हॉल, टेंट, सजावट और वाहन बुकिंग की मांग अचानक बढ़ गई है। व्यापारियों का कहना है कि अगले कुछ दिनों में विवाह समारोहों की संख्या बढ़ने से कारोबार में तेजी आने की उम्मीद है।
एक नजर में विवाह मुहूर्त
जून 2026 : 21, 22, 23, 24, 25, 26, 27 और 29 जून
– जुलाई : 1, 6, 7 और 11 जुलाई
– 25 जुलाई से चातुर्मास प्रारंभ, चार माह तक विवाह एवं अन्य मांगलिक कार्यों पर विराम
-चातुर्मास से पहले बचे इन सीमित मुहूर्तों के कारण आने वाले दिनों में पूरे क्षेत्र में शादी-विवाह की धूम देखने को मिल रही है।
25 जुलाई से शुरू होगा चातुर्मास, जून-जुलाई में बचे सिर्फ 10 शुभ मुहूर्त

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