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Thursday, 22 October 2026
बैतूल

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का प्रथम बैतूल आगमन, हुआ गरिमामय एवं आत्मीय स्वागत

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अनोखा तीर, बैतूल। भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के प्रथम बैतूल आगमन पर हेलीपेड परिसर में उनका गरिमामय एवं आत्मीय स्वागत किया गया। आगमन पर मध्यप्रदेश के राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने राष्ट्रपति का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। इस अवसर पर केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री दुर्गादास उइके, जिले के प्रभारी एवं लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल, बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी राष्ट्रपति का अभिनंदन किया। प्रोटोकॉल के अनुसार अपर मुख्य सचिव संजय शुक्ला, विशेष पुलिस महानिदेशक रवि गुप्ता, कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे तथा पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन ने राष्ट्रपति का स्वागत कर उनका अभिवादन किया।
लोक नृत्य की प्रस्तुति से हुआ स्वागत
महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु गुरुवार को बह्माकुमारी संस्थान द्वारा आयोजित आध्यात्मिक जागृति से जनजातीय समाज का सशक्तिकरण महासम्मेलन में शामिल होने बैतूल पहुंचीं। राष्ट्रपति के प्रथम नगर आगमन पर कार्यक्रम स्थल पर गोंडी जनजातीय कड़पड़ा दल के कलाकारों ने पारंपरिक लोक नृत्य की आकर्षक प्रस्तुति देकर उनका स्वागत किया।
विधायकों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर किया स्वागत
राष्ट्रपति लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम पहुंचीं, जहां उनके स्वागत में घोड़ाडोंगरी विधायक श्रीमती गंगा उइके, भैंसदेही विधायक श्री महेंद्र सिंह चौहान, मुलताई विधायक श्री चंद्रशेखर देशमुख तथा आमला विधायक डॉ. योगेश पंडाग्रे ने पुष्पगुच्छ भेंट किए।
रुद्राक्ष का पौधा रोपकर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम परिसर में धार्मिक एवं औषधीय महत्व वाले रुद्राक्ष के पौधे का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल, केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री दुर्गादास उइके तथा लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल उपस्थित रहे। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने बह्माकुमारी संस्था के पदाधिकारियों एवं सदस्यों के साथ सामूहिक फोटो सेशन में भी भाग लिया।
महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भर भारत में सभी की सहभागिता जरूरी : राष्ट्रपति
प्रदर्शनी स्टॉलों का किया अवलोकन, जनजातीय महिलाओं के कार्यों की सराहना, राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने महासम्मेलन के दौरान लगाई गई विभिन्न प्रदर्शनी एवं स्टॉलों का अवलोकन किया।  राष्ट्रपति ने महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बैतूल जिले में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने जनजातीय महिलाओं द्वारा निर्मित पारंपरिक उत्पादों की प्रशंसा करते हुए कहा कि महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता राष्ट्र निर्माण की महत्वपूर्ण आधारशिला है।
मिलेट उत्पादों से बढ़ रही महिलाओं की आय
सतपुड़ांचल प्रोड्यूसर कंपनी से जुड़ी स्व-सहायता समूह की महिलाएं रागी, कोदो, कुटकी, ज्वार और बाजरा जैसे मोटे अनाजों से कुकीज, पास्ता, नूडल्स, इंस्टेंट इडली-दोसा मिक्स, दलिया सहित अन्य स्वास्थ्यवर्धक उत्पाद तैयार कर रही हैं। राष्ट्रपति ने महिलाओं के इस नवाचार और उद्यमिता की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास ‘वोकल फॉर लोकलÓ, ‘लखपति दीदीÓ और ‘आत्मनिर्भर भारतÓ जैसे अभियानों को मजबूत बना रहे हैं। उल्लेखनीय है कि सतपुड़ांचल प्रोड्यूसर कंपनी से 175 स्व-सहायता समूहों के 2,075 सदस्य जुड़े हुए हैं, जो विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से प्रतिमाह 8 से 10 हजार रुपए तक अतिरिक्त आय अर्जित कर रहे हैं।
भरेवा (ढोकरा) शिल्प कला की सराहना
राष्ट्रपति ने भरेवा शिल्प कला (ढोकरा कला) के स्टॉल का भी अवलोकन किया। यहां जनजातीय महिलाओं द्वारा पीतल, तांबा और कांसे से निर्मित कलाकृतियां प्रदर्शित की गई थीं।  इस दौरान बलदेव बाघमारे ने राष्ट्रपति को पीतल से निर्मित जनजातीय महिला की प्रतिमा भेंट की।
वन आधारित उत्पादों और श्री अन्न व्यंजनों में दिखाई रुचि
राष्ट्रपति ने वन आधारित उत्पादों के स्टॉल पर प्रदर्शित नांदा फॉरेस्ट हनी, बैतूल सागौन और कुकरू कॉफी जैसे उत्पादों का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि ऐसे उत्पाद जनजातीय समुदायों की आजीविका और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने श्री अन्न (मिलेट्स) से तैयार 18 प्रकार के पौष्टिक व्यंजनों की प्रदर्शनी का भी निरीक्षण किया तथा गौशालाओं द्वारा तैयार उत्पादों को भी देखा। राष्ट्रपति ने सभी स्टॉल संचालकों, महिलाओं और उद्यमियों को निरंतर आगे बढ़ने और आत्मनिर्भरता की दिशा में कार्य करने के लिए प्रेरित किया।

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