जबरन जमीन पर कब्जे से परेशान युवक ने जहर खाकर की आत्महत्या

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– खुदखुशी से पहले वीडियो बनाकर कई लोगों के नाम लेकर लगाया प्रताड़ना का आरोप
– 7 लोगों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज, सभी आरोपी फरार

अनोखा तीर, खातेगांव। ग्राम दावठा निवासी दलित युवक अर्जुन मेहंदिया उम्र 32 वर्ष ने 20 मई को जहरीला पदार्थ खा लिया। जिसे परिजन गंभीर हालत में खातेगांव के निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां से उसे इंदौर रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही युवक की मौत हो गई। युवक ने अपनी मौत से पहले सोशल मीडिया पर 4 मिनट से अधिक समय का एक वीडियो पोस्ट किया था। जिसमें उसने गांव के ही कुछ लोगों पर जमीन पर जबरन करना एवं मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाते हुए अपनी मौत के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया। पुलिस ने मृतक की पत्नी के बयानों के आधार पर 7 लोगों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया है।
परिजनों ने की सख्त कार्यवाही की मांग
मृतक के परिजनों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और सख्त सजा की मांग को लेकर थाने के सामने रोड पर शव रखकर चक्का जाम किया। परिजनों द्वारा आरोपियों पर जमीन विवाद को लेकर मृतक के साथ मारपीट, मानसिक प्रताड़ना और दबाव बनाने का आरोप लगाया गया। जिसके कारण मृतक ने परेशान होकर आत्महत्या की है। मृतक अर्जुन की पत्नी चिंता बाई ने पुलिस को बताया कि 19 मई को तिरपट्टी चौराहा, खातेगांव से कुछ लोग अर्जुन को जबरन तहसील कार्यालय ले गए थे। वहां उसके साथ मारपीट कर दबाव बनाया गया और बाड़े की लिखापढ़ी अपने नाम करवा ली गई। चिंता बाई ने यह भी आरोप लगाया कि गांव के पलकराम विश्नोई और उनके बेटों आनंद व अमर विश्नोई ने लगभग 6 महीने पहले भी इसी जमीन की जबरन लिखापढ़ी करवाई थी। मौके पर मौजूद एसडीएम प्रवीण प्रजापति, एडिशनल एसपी सौम्या जैन, खातेगांव थाना प्रभारी विजय सिंह लोधी, कन्नौद थाना प्रभारी तहजीब काजी, सतवास थाना प्रभारी विक्रांत झाझोट ने परिजनों को आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजनों ने धरना समाप्त किया। पुलिस द्वारा मृतक की पत्नी के बयानों एवं वायरल वीडियो के आधार पर राजेश उर्फ राजू विश्नोई, इंदरपाल जाणी, सुरजमल विश्नोई, अरविंद विश्नोई, पलकराम विश्नोई, अमर विश्नोई और आनंद विश्नोई के खिलाफ प्रारम्भिक जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 140(2), 108, 115(2), 3 (5) तथा एससी-एसटी एक्ट की धारा 3(2) (1) और 3 (2) (1-ड्ड) के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
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