-समाधान दिवस में रोजगार घोटाले से लेकर राजस्व विवाद तक गूंजे जनसरोकार
अनोखा तीर, हरदा। भा.ज.पा. जिला कार्यालय कमल कुंज शनिवार को जनआस्था, जनविश्वास और जनसुनवाई का बड़ा केंद्र बन गया, जब पूर्व कैबिनेट मंत्री कमल पटेल ने समाधान दिवस के माध्यम से जिलेभर से पहुंचे सैकड़ों नागरिकों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं और संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक चले इस विशेष समाधान दिवस में किसान, मजदूर, युवा, महिलाएं, बुजुर्ग एवं ग्रामीण बड़ी संख्या में पहुंचे। कमल कुंज परिसर में लोगों की भारी भीड़ देखने को मिली और सैकड़ों लोगों ने अपनी समस्याएं सीधे कमल पटेल के समक्ष रखीं। कार्यक्रम के दौरान ग्राम पंचायत पांचातलाई की सरपंच सुन्दरबाई काजले ने ग्राम डोमरीकलां एवं डोमरीखुर्द में वर्षों से चले आ रहे अतिक्रमण को हटाने की मांग उठाई। उन्होंने बताया कि अतिक्रमण के कारण किसानों एवं ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस पर कमल पटेल ने संबंधित राजस्व एवं प्रशासनिक अधिकारियों को तत्काल जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसी प्रकार ग्राम फुलड़ी निवासी काशीप्रसाद गौर ने आबादी भूमि एवं पैतृक मकान से जुड़े राजस्व विवाद को लेकर आवेदन प्रस्तुत किया। आवेदन में आरोप लगाया गया कि वर्षों पुराने कब्जे एवं वैध वसीयत होने के बावजूद सर्वे रिकॉर्ड में धोखाधड़ीपूर्वक अन्य व्यक्तियों का नाम दर्ज करा दिया गया है। कमल पटेल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच एवं न्यायोचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया। समाधान दिवस में सबसे अधिक चर्चा रोजगार के नाम पर हुई कथित धोखाधड़ी को लेकर रही। हरदा सहित मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे युवाओं ने ग्लोबल हेड फाउंडेशन नामक संस्था के खिलाफ गंभीर शिकायत प्रस्तुत की। युवाओं ने आरोप लगाया कि संस्था द्वारा रोजगार उपलब्ध कराने के नाम पर हजारों युवाओं से रजिस्ट्रेशन शुल्क एवं अन्य माध्यमों से लाखों रुपये एकत्रित किए गए। पीड़ित युवाओं ने बताया कि समाचार पत्रों में विज्ञापन प्रकाशित कर एक फर्जी कंपनी द्वारा रीजनल प्रोग्राम मैनेजर, जिला प्रोग्राम मैनेजर, ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर एवं एफएम यूनिट मैनेजर जैसे पदों पर भर्ती का दावा किया गया। संस्था ने स्वयं को मध्यप्रदेश शासन से जुड़ा बताते हुए युवाओं से आवेदन भरवाए और कार्य प्रारंभ करवाया। रजिस्ट्रेशन के नाम पर 290 रुपये शुल्क लिया गया तथा हरदा, बैतूल, नर्मदापुरम, खंडवा एवं बुरहानपुर सहित कई जिलों में कार्य क्षेत्र दिए गए।
युवाओं का आरोप है कि लगभग 40 से 50 दिनों तक कार्य करवाने के बाद संस्था ने अलग-अलग टारगेट देकर वेतन रोक दिया और बाद में संस्था से जुड़े लोग संपर्क से बाहर हो गए। पीड़ितों ने बताया कि मध्यप्रदेश के लगभग 3200 से अधिक युवाओं के साथ करीब 10 लाख रुपये से अधिक की आर्थिक धोखाधड़ी हुई है। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया कि संस्था द्वारा बिना अनुमति प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री, मुख्यमंत्री एवं प्रदेश शिक्षा मंत्री के फोटो का उपयोग कर प्रचार सामग्री प्रकाशित की गई, जिससे युवाओं में भ्रम की स्थिति बनी। युवाओं ने संस्था संचालक वीरेंद्र मालवीय एवं अन्य संबंधित लोगों पर सख्त कार्रवाई करते हुए सभी प्रभावित युवाओं को वेतन एवं राशि वापस दिलाने की मांग की। इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए कमल पटेल ने युवाओं को आश्वस्त किया कि किसी भी बेरोजगार युवा के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई करने तथा पीड़ित युवाओं को न्याय दिलाने की बात कही। कमल पटेल ने कहा कि रोजगार के नाम पर युवाओं से छल करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। गरीब और बेरोजगार युवाओं का शोषण बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
इसके अलावा जिला चिकित्सालय हरदा में कथित फर्जी नौकरी एवं नियुक्ति पत्र के नाम पर युवाओं से ठगी का मामला भी समाधान दिवस में उठा। वार्ड 23 निवासी नेकराम कौशल ने आवेदन देकर बताया कि वर्ष 2023 में नौकरी दिलाने के नाम पर प्रक्रिया पूरी करवाई गई, लेकिन आज तक नियुक्ति पत्र नहीं मिला। इस मामले में भी कमल पटेल ने निष्पक्ष जांच एवं कार्रवाई का भरोसा दिलाया। कार्यक्रम में भा.ज.पा. पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं सैकड़ों नागरिक उपस्थित रहे। पूरे आयोजन में जनसेवा, संवेदनशीलता और त्वरित समाधान का वातावरण देखने को मिला।

