अनोखा तीर, हरदा। मिशन हैप्पी हरदा के अंतर्गत कृषकों एवं युवाओं को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने हेतु डॉ. सी.वी. रमन विश्वविद्यालय एवं सत्यशिव फार्म, पानतलाई के संयुक्त तत्वावधान में शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज हरदा में विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में इसरो वैज्ञानिक शशिकांत ए. शर्मा ने कृषि में सेटेलाइट तकनीक, अंतरिक्ष विज्ञान एवं आधुनिक डिजिटल मानचित्रण प्रणाली के उपयोग पर विस्तृत जानकारी दी। अपने संबोधन में शशिकांत ए. शर्मा ने बताया कि नासा एवं इसरो द्वारा संयुक्त रूप से विकसित निसार उपग्रह तकनीक के माध्यम से कृषि मानचित्रण, मौसम विश्लेषण, जल संसाधन प्रबंधन, पर्यावरण निगरानी एवं आपदा प्रबंधन जैसे कार्य अत्यंत तेजी एवं सटीकता से किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आधुनिक उपग्रह तकनीक किसानों को वैज्ञानिक खेती की दिशा में आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने इसरो द्वारा विकसित वेदास (पृथ्वी अवलोकन आंकड़ा दृश्यांकन एवं संग्रह प्रणाली) वेबसाइट की जानकारी देते हुए बताया कि यह एक अत्याधुनिक भू-स्थानिक एवं भौगोलिक सूचना प्रणाली आधारित डिजिटल मंच है, जिसके माध्यम से उपग्रह आंकड़ों का विश्लेषण कर किसानों, शोधकर्ताओं एवं शासकीय विभागों को उपयोगी जानकारी उपलब्ध कराई जाती है। शशिकांत ए. शर्मा ने बताया कि वेदास पोर्टल पर फसल स्वास्थ्य, वर्षा, जल संसाधन, वन क्षेत्र, प्रदूषण, वायु गुणवत्ता, जले हुए क्षेत्रों एवं बाढ़ संभावित क्षेत्रों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध रहती हैं। किसान अपने खेतों के पुराने वर्षों के आंकड़े भी देख सकते हैं, जिससे उन्हें फसल उत्पादन एवं भूमि की स्थिति को समझने में सहायता मिलती है। इससे वैज्ञानिक खेती एवं फसल प्रबंधन को बढ़ावा मिल रहा है। कार्यक्रम में उपस्थित किसानों एवं छात्र-छात्राओं ने विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे, जिनका शशिकांत ए. शर्मा ने सरल एवं व्यावहारिक तरीके से समाधान प्रस्तुत किया। इस संवाद से युवाओं को अंतरिक्ष विज्ञान एवं आधुनिक तकनीकों की जानकारी प्राप्त हुई, वहीं किसानों को वैज्ञानिक खेती, मृदा स्वास्थ्य एवं आधुनिक कृषि पद्धतियों के बारे में उपयोगी जानकारी मिली। कार्यक्रम के दौरान भरत टांक ने प्राकृतिक एवं जैविक खेती के महत्व पर प्रकाश डालते हुए किसानों को आधुनिक तकनीकों के साथ जैविक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि तकनीक एवं प्राकृतिक खेती के समन्वय से कृषि को अधिक लाभकारी एवं टिकाऊ बनाया जा सकता है। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में प्राचार्या सुश्री अभिरुचि सिंह ने कहा कि हरदा जिले में कृषि क्षेत्र में इस तकनीक के उपयोग से किसानों को निश्चित रूप से लाभ मिलेगा तथा युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। आभार प्रदर्शन करते हुए विकास भूमरकर ने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं युवाओं एवं किसानों को नई तकनीकों से जोड़ने का प्रभावी माध्यम हैं, जिनका लाभ भविष्य में समाज एवं कृषि क्षेत्र को मिलेगा। रमन क्षेत्रीय संसाधन केंद्र, हरदा के क्षेत्रीय समन्वयक उमेश शर्मा ने सेटेलाइट तकनीक एवं इससे संबंधित वेबसाइट के संदर्भ में अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि यह तकनीक ग्रामीण विकास एवं कृषि नवाचार को नई दिशा देने में सहायक सिद्ध होगी। कार्यक्रम में ज्ञानेश चौबे, मनोज जैन, राजीव बाहेती, रामशंकर मुकाती, सरदार भायरे एवं सुभाष आंजने विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे किसानों एवं युवाओं के लिए उपयोगी, ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक बताया।
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इसरो वैज्ञानिक ने बताया कृषि में सेटेलाइट तकनीक का महत्व

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