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Friday, 30 October 2026
हरदा

मूंग फसल की कटाई शुरू होते ही बारिश, किसानों की बढ़ी चिंता

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अनोखा तीर, मसनगांव। ज्येष्ठ माह में हो रही बेमौसम बारिश से किसानों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। इन दिनों क्षेत्र में ग्रीष्मकालीन मूंग फसल की कटाई का कार्य शुरू हो चुका है। ऐसे समय अचानक मौसम बदलने और बारिश होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। शुक्रवार रात करीब 9 बजे गरज-चमक के साथ हुई बारिश ने खेतों में काम कर रहे किसानों और मजदूरों को परेशान कर दिया। अचानक आसमान में बादल छाने के बाद तेज गर्जना हुई और करीब दस मिनट तक बारिश होती रही। इसके बाद रात करीब 12 बजे एक बार फिर मौसम बदला और तेज गर्जना के साथ हल्की बरसात हुई। हालांकि बारिश कुछ देर बाद थम गई, लेकिन खेतों में कटी पड़ी मूंग की फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका बनी रही।  बारिश शुरू होते ही जिन खेतों में सिंचाई का कार्य चल रहा था, वहां किसान और मजदूर मोटर बंद कर जल्दबाजी में घरों की ओर रवाना हो गए। वहीं जिन खेतों में मूंग की कटाई चल रही थी, वहां किसान कटी हुई फसल को सुरक्षित रखने के प्रयास करते नजर आए। किसानों का कहना है कि इस समय यदि लगातार बारिश होती है तो मूंग की गुणवत्ता प्रभावित होने के साथ उत्पादन पर भी असर पड़ सकता है। इधर अचानक हुई बारिश के बाद उपार्जन केंद्रों और वेयरहाउसों पर खड़ी गेहूं से भरी ट्रैक्टर-ट्रालियों को लेकर भी किसान चिंतित हो उठे। किसान तिरपाल लेकर रात में ही खरीदी केंद्रों पर पहुंचे और ट्रालियों को ढकने में जुट गए। किसान पवन पाटिल ने बताया कि पिछले तीन दिनों से उनकी ट्रैक्टर-ट्राली उपार्जन केंद्र पर खड़ी है, लेकिन तुलाई कार्य बंद होने से उपज की खरीदी नहीं हो पा रही है। ऐसे में बारिश के कारण गेहूं भीगने का खतरा बढ़ गया। उन्होंने बताया कि रात में तिरपाल लेकर खरीदी केंद्र पहुंचे, लेकिन रास्ते में ही बारिश शुरू हो गई, जिससे वे भीग गए। जैसे-तैसे ट्रालियों को ढककर उपज सुरक्षित रखी गई। किसानों का कहना है कि अब उन्हें जल्द तुलाई शुरू होने का इंतजार है, ताकि उपज खराब होने से बच सके।
बिजली की चमक से दोपहिया वाहन चालक हुए परेशान
बारिश का मौसम बनते ही रात में आसमान में चमकने वाली बिजली की कड़कड़ाहट से दोपहिया वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। रात का समय होने से तेज गर्जना और बिजली चमकने के कारण लोग पेड़ों के नीचे रुकने की बजाय बारिश में भीगते हुए सड़क पर चलते नजर आए। कुछ लोगों ने गांव में होटलों और घरों में रुककर बारिश बंद होने का इंतजार किया। वाहन चालकों ने बताया कि रात्रि में पेड़ों के नीचे रुकना खतरे से खाली नहीं था, इसलिए वे भीगते हुए गांव पहुंचे और वहां बारिश थमने का इंतजार किया।
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