-परिजनों का आरोप : हेड कॉन्स्टेबल ने पैसे लेकर कराए हस्ताक्षर
अनोखा तीर, हरदा। हंडिया थाना क्षेत्र के ग्राम रेलवा निवासी बलराम कोरकू और छायाबाई ने शनिवार को पुलिस अधीक्षक को एक शिकायती आवेदन दिया है। इसमें उन्होंने हंडिया थाना पुलिस पर उनके 80 वर्षीय बुजुर्ग पिता अजबसिंह कोरकू को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। परिजनों का दावा है कि पुलिस की प्रताड़ना से तंग आकर अजबसिंह ने कीटनाशक का सेवन कर लिया। शिकायत में कहा गया कि मिश्रीलाल, साजन और रामोतार ने 25 साल पुराने स्टाम्प का हवाला देते हुए अजबसिंह कोरकू के खिलाफ झूठी शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद हंडिया थाने में पदस्थ हेड कॉन्स्टेबल कंचन सिंह राजपूत ने 30 अप्रैल को बुजुर्ग अजबसिंह को थाने ले जाकर प्रताड़ित किया।
हेड कॉन्स्टेबल ने हस्ताक्षर करवाए
आरोप है कि कंचन सिंह ने अजबसिंह से मिश्रीलाल और रामोतार को डेढ़ लाख रुपए वापस करने को कहा। परिजनों ने बताया कि इस दौरान उनके पिता हाथ-पैर जोड़ते रहे कि शिकायतकर्ताओं ने उनकी जमीन हड़प ली थी और उसका पैसा भी नहीं दिया। परिजनों का यह भी आरोप है कि हेड कॉन्स्टेबल कंचन सिंह ने 25 हजार रुपए लेकर उनके बुजुर्ग पिता से हस्ताक्षर करवा लिए। इस प्रताड़ना से तंग आकर अजबसिंह ने 1 मई को खेत में जाने का कहकर जहरीली दवा का सेवन कर लिया। मिली जानकारी के अनुसार, बुजुर्ग अजबसिंह को 1 से 4 मई तक जिला अस्पताल में भर्ती रखने के बाद छुट्टी दे दी गई थी। अगले दिन उनके परिजनों ने उन्हें शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां वे बीते पांच दिनों से उपचाराधीन हैं। परिजनों का कहना है कि उनके पिता ने 18 साल पहले ही अपनी जमीन मुकेश विश्नोई को बेच दी थी। इसके बावजूद काली सराय निवासी रामोतार, मिश्रीलाल और साजन द्वारा उनके खिलाफ झूठी शिकायत की गई है। मामले पर डीएसपी अरुणा सिंह का कहना है कि उन्हें शिकायत मिली है और मामले की जांच कराई जा रही है। उधर घटना के नौ दिनों बाद अचानक बुजुर्ग के परिजनों का एसपी को शिकायत करने पहुंचना संदेह पैदा करता है, खासकर जब बुजुर्ग को जिला अस्पताल से चार दिनों बाद छुट्टी मिल गई थी और फिर निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। फिलहाल, बुजुर्ग अजबसिंह कुछ भी कह पाने की स्थिति में नहीं हैं।
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