अनोखा तीर, सतवास। कन्नौद विकासखंड के ग्राम पंचायत बड़ौदा के पुनर्वास गांव में पानी की समस्या अब गंभीर रूप लेती जा रही है। सरकार द्वारा घर-घर नल जल योजना के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोलती नजर आ रही है। गांव की एकमात्र पानी की टंकी जर्जर हालत में पहुंच चुकी है, जिससे पानी लीकेज होकर सीधे खेतों में बह रहा है और गांव तक पर्याप्त सप्लाई नहीं पहुंच पा रही। जो पानी टंकी में आता भी है, वह कुछ ही समय में खत्म हो जाता है, जिससे पूरे गांव को पानी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। पुनर्वास स्थल से दूर पर करीब 15 ट्यूबल लगे हैं, जिनका पानी करीब 6 किमी. दूर लेजाकर लोग सिंचाई कर रहे हैं। स्थिति यह है कि ग्रामीणों, खासकर महिलाओं को रोजाना दूर-दूर तक जाकर पानी भरना पड़ रहा है। भीषण गर्मी में यह परेशानी और बढ़ गई है। वहीं गांव में बिछी पाइपलाइन भी जगह-जगह से खराब है, जिसके चलते गंदा पानी आने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। इससे लोगों को साफ पानी तक नसीब नहीं हो पा रहा। ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार सरपंच और सचिव को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। बार-बार शिकायतों के बावजूद हालात जस के तस बने हुए हैं। लोगों में अब नाराजगी भी देखने को मिल रही है। दूसरी ओर पंचायत सचिव का कहना है कि पानी की समस्या को उच्च अधिकारियों तक पहुंचा दिया गया है और जल्द ही समाधान का आश्वासन दिया गया है। लेकिन सवाल यह है कि जब तक समाधान नहीं होता, तब तक ग्रामीण आखिर कब तक इस परेशानी को झेलते रहेंगे। फिलहाल पुनर्वास गांव में नल जल योजना कागजों तक सीमित नजर आ रही है और जमीनी स्तर पर लोग आज भी पानी के लिए जूझने को मजबूर हैं।

