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Thursday, 22 October 2026
हरदा

दक्षिण तट पर स्थित यक्षराज कुबेर द्वारा स्थापित चमत्कारी शिव मंदिर

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-पांच शताब्दी पूर्व का है यह कछुआ की आकृति  का शिव मंदिर  
बलवीर सिंह, खत्री हंडिया। पुण्य सलिला मां नर्मदा के दक्षिण तट पर स्थित रिद्धनाथ महादेव मंदिर अपनी अद्भुत वास्तुकला और धार्मिक महत्व के कारण श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का केंद्र बना हुआ है। यह प्राचीन शिव मंदिर कछुए के आकार का दिखाई देता है, जिसे पौराणिक दृष्टि से लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। मंदिर को लेकर मान्यता है कि इसका निर्माण यक्षराज कुबेर द्वारा कराया गया था। मंदिर परिसर में सभा मंडप के चारों ओर 18 तिलस्मी पुतलियां द्वारपाल के रूप में स्थापित हैं, जिनके बारे में कहा जाता है कि वे शिवभक्तों को शिव के आदेश के बाद ही प्रवेश की अनुमति देती हैं। सभा मंडप के ऊपर विभिन्न मुद्राओं में देवी-देवताओं की प्रतिमाएं स्थापित हैं, जो इसकी कलात्मकता को और आकर्षक बनाती हैं। मंदिर के शिखर पर 12 गुंबद बने हुए हैं, जो 12 ज्योतिर्लिंगों के प्रतीक माने जाते हैं। ऐसी मान्यता है कि यहां दर्शन करने से श्रद्धालुओं को 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन के समान पुण्य फल प्राप्त होता है। यह मंदिर राज्य शासन द्वारा संरक्षित घोषित है। मंदिर के समीप स्थित नर्मदा नदी का ‘नाभि कुंडÓ विशेष महत्व रखता है, जिसे नर्मदा का मध्य बिंदु माना जाता है। यहां स्नान करने से रोगों के नाश की मान्यता है। नर्मदा परिक्रमा करने वाले श्रद्धालु इस स्थल को विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानते हैं और वर्षभर यहां तीर्थयात्रियों का आवागमन बना रहता है। रिद्धनाथ महादेव मंदिर अपनी स्थापत्य कला और धार्मिक महत्व के कारण पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र है, लेकिन पर्याप्त सुविधाओं के अभाव में यह स्थल उपेक्षित बना हुआ है। क्षेत्रवासियों ने कई बार जनप्रतिनिधियों को हंडिया को पर्यटन क्षेत्र घोषित करने की मांग से अवगत कराया है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं हो सका है। क्षेत्र के लोगों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव से हंडिया तहसील को पर्यटन नगरी घोषित करने और नगर परिषद की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान करने की मांग की है।

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