-माता जी को लगाया बासी भोजन का भोग
अनोखा तीर, हरदा। चैत्र मास की सप्तमी तिथि पर मंगलवार सुबह शहर के गढ़ीपूरा मोहल्ला स्थित प्राचीन शीतला माता मंदिर में शीतला सप्तमी का पर्व श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। इस अवसर पर सुबह से ही मंदिर में महिला श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं और उन्होंने विधि-विधान से माता की पूजा-अर्चना की। श्रद्धालु महिलाओं ने नारियल, फूल, कुमकुम और चावल से माता की पूजा की और जल चढ़ाकर बासी भोजन का भोग लगाया। मंदिर के पुजारी ने बताया कि परंपरा के अनुसार शीतला सप्तमी के दिन घरों में चूल्हा नहीं जलाया जाता। लोग एक दिन पहले ही भोजन बनाकर रखते हैं और उसी भोजन का भोग माता को लगाया जाता है। मंदिर समिति के सदस्य ने बताया कि माता को चढ़ाए गए भोग को तीन हिस्सों में बांटा जाएगा। पहला हिस्सा जरूरतमंद लोगों को दिया जाएगा, दूसरा गौशाला में गायों के लिए और तीसरा हिस्सा मछलियों के लिए रखा जाएगा। श्रद्धालु पूजा विश्वकर्मा ने बताया कि शीतला माता को रोगों की देवी माना जाता है। मान्यता है कि उनकी पूजा करने से परिवार को संक्रामक और मौसमी बीमारियों से बचाव मिलता है। शहर के अन्य मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की भीड़ देखी गई। गुर्जर बोर्डिंग के पास स्थित मंदिर, खेतवाली माता मंदिर, दुर्गा मंदिर तवा कॉलोनी, हरदौल बाबा मंदिर, काली मंदिर और नर्मदा कॉलोनी के नर्मदेश्वर महादेव मंदिर सहित कई स्थानों पर पूजा-अर्चना की गई। पूजा के बाद श्रद्धालुओं ने गौ माता को भी भोजन कराया।
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