अनोखा तीर, हरदा। गेहूं एवं चना उपार्जन पंजीयन में आ रही तकनीकी समस्याओं को लेकर किसान आक्रोश मोर्चा ने शासन-प्रशासन से पंजीयन की तारीख बढ़ाने की मांग की है। किसानों का कहना है कि पोर्टल बंद रहने और तकनीकी खामियों के कारण बड़ी संख्या में किसान पंजीयन से वंचित हो सकते हैं। किसान आक्रोश मोर्चा ने बताया कि शासन द्वारा गेहूं उपार्जन के लिए पंजीयन की अवधि 5 फरवरी से 7 मार्च तक निर्धारित की गई है। इस दौरान लगभग एक सप्ताह तक किसानों के खसरे पर फसल गिरदावरी का कार्य नहीं हो सका। इसके अलावा कई किसानों की फार्मर आईडी में खसरे दर्ज नहीं हो पाए तथा पोर्टल में बार-बार तकनीकी खराबी आने से किसान ऑनलाइन और सोसाइटी केंद्रों से निराश होकर लौट रहे हैं। किसानों का कहना है कि कई बार संबंधित अधिकारियों से फोन पर संपर्क करने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। पिछले तीन-चार दिनों से पोर्टल बंद होने के कारण जिले के आधे से अधिक किसान पंजीयन से वंचित रह सकते हैं। ऐसे में किसानों को अपनी फसल कम दाम पर मंडी में बेचने के लिए मजबूर होना पड़ेगा, जिससे उन्हें लाखों रुपये का नुकसान हो सकता है। किसान आक्रोश मोर्चा ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि किसानों की समस्याओं का शीघ्र निराकरण करते हुए उपार्जन पंजीयन की अंतिम तिथि बढ़ाई जाए। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। इस दौरान किसान आक्रोश मोर्चा से सुभाष जांगू, आशीष राजपूत, आनंद कालीराणा सहित अन्य किसान उपस्थित थे।

