– कान में दर्द, घंटी या सीटी जैसी आवाज आए तो डॉक्टर को दिखाएं
अनोखा तीर, हरदा। विश्व श्रवण दिवस इस वर्ष 6 मार्च को मनाया जा रहा है। इस दिवस का उद्देश्य लोगों को सुनने की क्षमता के महत्व के बारे में जागरूक करना और कानों की देखभाल के प्रति सचेत करना है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एचपी सिंह ने बताया कि यह पहल विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा चलाई जाती है। इस दिन सुनने की जांच, जागरूकता कार्यक्रम और कार्यशाला आयोजित किए जाते हैं, ताकि लोग तेज आवाज, ईयरफोन के अधिक उपयोग और संक्रमण से होने वाली श्रवण हानि से बच सकें। सुनने की शक्ति हमारे जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है, इसलिए इसकी सुरक्षा के लिए सही जानकारी और सावधानी बेहद आवश्यक है। ध्यान रहे कि शुरूआती लक्षणों को नजर अंदाज न करें वरना यह अनदेखी बेहद घातक साबित हो सकती है। यानि कि इतनी देर न हो जाए कि बीमारी का इलाज संभव न हो सके। वर्तमान समय में सुनने की समस्या सबसे ज्यादा स्टूडेंट और युवा वर्ग है जो मोबाइल के साथ ईयरफोन का अधिक उपयोग कर रहा है। यह आदत सुनने की शक्ति के लिए खतरा बन चुकी है, यह चिंता की बात यह है।
ईयरफोन के उपयोग के लिए विशेष सलाह
नोडल अधिकारी डॉ. राजेश सतीजा के अनुसार ईयरफोन का उपयोग 60-60 नियम अपनाकर करें। यानि कि अधिकतम 60 प्रतिशत वॉल्यूम पर 60 मिनट से ज्यादा ईयरफोन का उपयोग न करें। बीच-बीच में कानों को आराम देना आवश्यक है। साफ और व्यक्तिगत ईयरफोन का ही प्रयोग करें तथा संक्रमण से बचें।
शुरूआती लक्षणों को न करें नजर अंदाज
आज के डिजिटल युग में ईयरफोन का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। बच्चे, युवा और वयस्क सभी मोबाइल, गाने और ऑनलाइन कक्षाओं के लिए लंबे समय तक ईयरफोन का प्रयोग कर रहे हैं। ऐसे में तेज आवाज और लंबे समय तक ईयरफोन सुनना, सुनने की क्षमता के लिए हानिकारक साबित हो सकता है। अत्यधिक ध्वनि के संपर्क में रहने से स्थायी श्रवण हानि का खतरा बढ़ जाता है। कान में दर्द, घंटी या सीटी जैसी आवाज (टिनिटस), भारीपन और सुनने में कमी इसके प्रमुख लक्षण है। कई बार लोग शुरूआत में इन संकेतों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे समस्या गंभीर हो सकती है। डॉ. राजेश सतीजा ने बताया कि ईयर फोन के अधिक उपयोग से सुनने की शक्ति कम होना, कान में दर्द या भारीपन, कान में लगातार आवाज आना (भनभनाहट), कान में संक्रमण, सिरदर्द और चिड़चिड़ापन जैसी समस्या हो सकती है। उन्होने नागरिकों को सलाह दी है कि आवाज साफ न सुनाई देना, टीवी या मोबाइल की आवाज बार-बार बढ़ाना, कान में सीटी या घंटी जैसी आवाज, कान में खुजली या जलन तथा लंबे समय तक सुनने के बाद थकान जैसी समस्या होने पर इसे अनदेखा न करें। समय पर चिकित्सक की सलाह लें। उन्होने कहा कि ईयर फोन का उपयोग करते समय 60-60 नियम अपनाएं 60 प्रतिशत वॉल्यूम, 60 मिनट से ज्यादा नहीं, हर 1 घंटे में कानों को आराम दें, संभव हो तो स्पीकर का प्रयोग करें तथा कान में दर्द या समस्या हो तो डॉक्टर को तत्काल दिखाएं और जांच कराएं।
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