अनोखा तीर, हरदा। जिले का किसान चना, गेहूं और सरसों की कटाई के समय दिनभर जिला कलेक्टर कार्यालय एवं पटवारियों के चक्कर लगाने को मजबूर है। आरोप है कि पटवारियों की लापरवाही के कारण कई किसानों की फसल गिरदावरी सही दर्ज नहीं की गई है। जिन किसानों ने चना बोया है, उनके खसरे में गेहूं दर्ज कर दिया गया है, जिससे पंजीयन में गंभीर त्रुटियां सामने आ रही हैं। जिला कांग्रेस अध्यक्ष मोहन सांई किसानों के साथ फूड ऑफिस पहुंचे, जहां 50 से अधिक किसान पंजीयन में सुधार के लिए आवेदन देते मिले। बरखेड़ी के किसान सत्यनारायण गौर, जिनकी उम्र लगभग 70 वर्ष से अधिक है, अपने पंजीयन में हुई त्रुटि के कारण परेशान नजर आए। फूड ऑफिस के एक अधिकारी द्वारा उनसे पटवारी से गिरदावरी सुधार की रिपोर्ट व्हाट्सएप पर मंगाने को कहा गया, जबकि किसान बुजुर्ग होने के कारण मोबाइल का सीमित उपयोग कर पाते हैं। जब पटवारी से बात कराई गई तो उन्होंने किसान पर ही रोब झाड़ना शुरू कर दिया। इसी प्रकार किसान रविशंकर शर्मा के साथ भी ऐसी ही स्थिति बनी। मोहन सांई ने कहा कि ऐसे सैकड़ों किसान हैं, जो अपनी समस्याओं के निराकरण के लिए अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं। उन्होंने जिला कलेक्टर से मांग की है कि संबंधित अधिकारियों को तत्काल निर्देशित किया जाए, क्योंकि पंजीयन की अंतिम तिथि 7 मार्च निर्धारित है। उन्होंने यह भी मांग की कि सरकार पंजीयन की अवधि बढ़ाकर 15 मार्च तक करे। यदि किसानों की समस्याओं का शीघ्र निराकरण नहीं हुआ तो उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी।
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