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Friday, 16 October 2026
हरदा

विभिन्न मांगों को लेकर आशा कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

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अनोखा तीर, हरदा।  सोमवार को जिलेभर की आशा कार्यकर्ताओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम अशोक डेहरिया को ज्ञापन सौंपा। कार्यकर्ताओं ने न्यूनतम वेतन, नियमित मानदेय, लंबित प्रोत्साहन राशि का भुगतान, 10 वर्ष की सेवा के बाद नियमितीकरण, सामाजिक सुरक्षा, पेंशन, ग्रेच्युटी, मोबाइल-डेटा सुविधा और कार्यस्थल पर सुरक्षा व्यवस्था जैसी प्रमुख मांगें उठाईं। उनका कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ होने के बावजूद उन्हें समय पर पूरा भुगतान और बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। आशा कार्यकर्ता संघ की कार्यकारी जिलाध्यक्ष ने बताया कि वर्ष 2005 में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की स्थापना के बाद से आशा एवं आशा पर्यवेक्षकों ने मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में कमी लाने, संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने, टीकाकरण, परिवार नियोजन, कुपोषण नियंत्रण और संक्रामक रोगों की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता दूर-दराज के गांवों और शहरी झुग्गी बस्तियों में भी 24 घंटे सेवाएं दे रही हैं। कौशल्या पाल ने कहा कि बार-बार मांग उठाने के बावजूद प्रोत्साहन राशि का भुगतान महीनों तक लंबित रहता है या अधूरा किया जाता है। त्योहारों के समय भी कार्यकर्ताओं को अपने ही पैसे के लिए संघर्ष करना पड़ता है, जिससे आर्थिक परेशानियां बढ़ रही हैं। ज्ञापन में केंद्र सरकार द्वारा जारी 1500 रुपए की राशि का भुगतान, राज्य शासन द्वारा घोषित 1000 रुपए की वार्षिक वृद्धि लागू करने और वर्ष 2025 के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के अनुसार राशि लागू करने की मांग की गई है। साथ ही राज्य शासन की घोषणा क्र.सी-2585 और एनएचएम आदेश क्र.14299 के अनुसार 15000 रुपए के स्थान पर केवल 12000 रुपए दिए जाने की विसंगति दूर करने की मांग भी रखी गई।
नियमितीकरण और समय पर भुगतान पर जोर
कार्यकर्ताओं ने 10 वर्ष का अनुभव रखने वाली आशा कार्यकर्ताओं का नियमितीकरण करने, हर माह की 5 तारीख तक नियमित एवं पूर्ण भुगतान सुनिश्चित करने और रोकी गई राशि या बजट की स्थिति की स्पष्ट जानकारी देने की मांग की है। इसके साथ ही केंद्र और राज्य अंश का एक साथ भुगतान सुनिश्चित करने तथा भुगतान की स्पष्ट पे-स्लिप देने की मांग भी शामिल है। ज्ञापन में टीम बेस्ड इंसेंटिव का तत्काल भुगतान करने और आशा पर्यवेक्षकों को इसमें शामिल करने, अनाबद्ध राशि 10 हजार रुपए का भुगतान, रिकॉर्ड संधारण के लिए फंड उपलब्ध कराने और आस्था वेलफेयर स्कीम के तहत शिक्षा प्रोत्साहन राशि देने की मांग की गई है। साथ ही कार्यस्थल पर होने वाली हिंसा के लिए कमेटी गठन और सर्टिफिकेशन पास करने पर 5 हजार रुपए की राशि देने की बात भी रखी गई।  आशा कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन के माध्यम से शासन से शीघ्र कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो वे आगे उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगी।

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