-नीमगांव मंदिर में किया तुलादान
अनोखा तीर, हरदा। खेजड़ी बचाओ महापड़ाव के संरक्षक परसराम खोखर का मध्यप्रदेश आगमन पर भव्य स्वागत किया गया तथा नीमगांव मंदिर में उनका तुलादान कार्यक्रम आयोजित हुआ। परसराम खोखर, राजस्थान सरकार के पूर्व मंत्री विश्नोई रत्न स्वर्गीय रामसिंह खोखर के सुपुत्र हैं। उन्होंने खेजड़ी बचाओ आंदोलन में नेतृत्वकारी भूमिका निभाते हुए पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किया। उल्लेखनीय है कि वर्ष 1730 में ऐतिहासिक खेजड़ी बचाओ आंदोलन हुआ था और वर्तमान में चले आंदोलन को भी व्यापक समर्थन मिला। यह आंदोलन संपूर्ण बिश्नोई समाज का तो था ही, साथ ही 36 कोम का भी समर्थन इसमें रहा। कहा गया कि ऐसा आंदोलन किसी एक व्यक्ति द्वारा संभव नहीं, किंतु इसके नेतृत्व में परसराम खोखर की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जो पूरी तरह गैर-राजनीतिक स्वरूप में रही। मध्यप्रदेश युवा बिश्नोई संगठन के प्रदेश अध्यक्ष लोकेश पंवार, मध्यक्षेत्र बिश्नोई सभा के अध्यक्ष आत्माराम पटेल, न्याय समिति के अध्यक्ष हीरालाल पटेल, जिला कांग्रेस अध्यक्ष मोहन साईं, पूर्व जिला अध्यक्ष लक्ष्मी नारायण पंवार, कोषाध्यक्ष श्यामलाल बाबल, सचिव बलराम झुरिया, सरपंच ब्रजमोहन गिला, सुहागमल पंवार सहित अन्य साथियों ने तुलादान कार्यक्रम में भाग लेकर सम्मान व्यक्त किया। कार्यक्रम में उपस्थित सामाजिक बंधुओं ने पर्यावरण संरक्षण के लिए सदैव साथ रहने का संकल्प लिया और जय गुरु जांभोजी महाराज के जयकारों के साथ आयोजन संपन्न हुआ।
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