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Sunday, 25 October 2026
हरदा

सिंगाजी महाराज की परचरी में भजन मार्ग पर दिया जोर

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अनोखा तीर, सिराली। ग्राम जात्राखेड़ी में आयोजित संत सिंगाजी महाराज की परचरी पुराण के द्वितीय दिवस पर मंडलेश्वर की सुविख्यात कथा प्रवक्ता दीदी श्री चेतना भारती ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि मनुष्य मन, वचन और कर्म से प्रतिदिन पापाचार तो करता है, लेकिन भजन नहीं करता, जिससे मन और शरीर में अवगुणों की मात्रा बढ़ती रहती है। उन्होंने कहा कि नित्य ईश्वरीय आराधना, भजन, साधना, नामजप, ध्यान, सात्विक आहार-विहार और संयमित वाणी से सात्विक गुण तमोगुणों को दबाकर रखते हैं, इसलिए भजन मार्ग से जुड़े रहना चाहिए। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे मनुष्य बिना भोजन, आहार और श्वास के नहीं रह सकता, उसी प्रकार भजन के बिना भी नहीं रहना चाहिए। यद्यपि प्रत्येक श्वास में हरि स्मरण होना चाहिए, लेकिन यदि यह संभव न हो तो 24 घंटे में से कम से कम एक घंटा प्रभु को तल्लीनता से अवश्य देना चाहिए। इस एक घंटे में सांसारिक कार्यों को भूलकर वैराग्य भाव से ईश्वर के सम्मुख होना चाहिए, जिससे साधना मार्ग में अत्यधिक सहायता मिलती है और सद्गुणों की वृद्धि होती है। धीरे-धीरे भक्ति भी बढ़ती जाती है। दीदी श्री ने कहा कि सतोगुण ही मनुष्य को देवपुरुष बनाते हैं और जीवन को दिव्य स्वरूप प्रदान करते हैं। कथा के माध्यम से उन्होंने भजन मार्ग में उन्नति के लिए अनेक बहुमूल्य सूत्र बताए। आयोजन में तन, मन और धन से सेवा में लगे मुकाती परिवार की सराहना करते हुए दीदी श्री ने व्यासपीठ से साधुवाद व्यक्त किया।

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