-संघर्ष और नेतृत्व आज भी प्रेरणा का स्रोत : सुभाष शुक्ला
अनोखा तीर, हरदा। मप्र जन अभियान परिषद, जिला हरदा के तत्वावधान में मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित सीएमसीएलडीपी कक्षाओं में छात्र-छात्राओं को जनजातीय समाज के गौरव और भगवान बिरसा मुंडा के संघर्षपूर्ण जीवन से परिचित कराने के उद्देश्य से पीएमश्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, शासकीय महाविद्यालय हरदा में भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती मनाई गई। भगवान बिरसा मुंडा के छायाचित्र पर पूजन एवं माल्यार्पण कर कार्यक्रम की शुरुआत हुई। सर्वप्रथम जिला समन्वयक संदीप गौहर ने विभागीय प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। मुख्य अतिथि सेवा भारती जिला प्रमुख नटवर पटेल ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाया जाता है, ताकि भारत के स्वतंत्रता संग्राम में आदिवासी समुदायों के योगदान और भगवान बिरसा मुंडा के संघर्ष को स्मरण किया जा सके। उन्होंने कहा कि अल्पायु में किए गए उनके समर्पण से प्रेरणा लेकर देश सेवा के किसी भी रूप में योगदान देना चाहिए, जिससे भारत पुन: विश्वगुरु बनने की दिशा में अग्रसर हो सके। मुख्य वक्ता सुभाष शुक्ला ने अपने उद्बोधन में कहा कि आदिवासी नेता और स्वतंत्रता सेनानी बिरसा मुंडा की जयंती उनके साहस, नेतृत्व और सामाजिक योगदान को याद करने का अवसर है। उन्होंने ब्रिटिश शासन के विरुद्ध आदिवासी समुदायों के अधिकारों की रक्षा की और उन्हें राजनीतिक तथा सामाजिक जागरूकता प्रदान की। उनका संघर्ष और नेतृत्व आज भी आदिवासी समाज सहित पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत है। कार्यक्रम का संचालन परामर्शदाता संजय ठाटे ने किया तथा विकासखण्ड समन्वयक राकेश वर्मा ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में सुनील भायरे, परामर्शदाता राधेश्याम विश्वकर्मा, सुरेंद्र चौहान, दीनबंधु गौर, जया साकल्ले सहित छात्र-छात्राएं मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
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