Skip to content
Saturday, 24 October 2026
मध्य प्रदेश

श्रीराम सुपर 5-एसआर-05 और 1-एसआर-14 गेहूं बीज से मिल रही किसानों को रिकॉर्ड उपज

2 min read
Text Size:

-इस साल भी इन्हीं किस्मों पर भरोसे का रुझान
अनोखा तीर, धार। मध्य प्रदेश में गेहूं की खेती में श्रीराम फार्म सॉल्यूशन्स द्वारा विकसित श्रीराम सुपर 5-एसआर 05 और श्रीराम सुपर 1-एसआर 14 गेहूं बीजों ने उल्लेखनीय परिवर्तन लाया है। इन उन्नत किस्मों ने किसानों के बीच उच्च उपज, रोग प्रतिरोधकता और विभिन्न जलवायु परिस्थितियों में अनुकूलता के लिए ख्याति प्राप्त की है। श्रीराम फार्म सॉल्यूशन्स के विश्वविख्यात गेहूं वैज्ञानिकों द्वारा तैयार की गई गेहूं की किस्में, श्रीराम सुपर 1-एसआर 14 और 5-एसआर 05, इनकी अनुकूलन क्षमता और बेहतरीन उत्पादकता के चलते किसानों में बहुत लोकप्रिय हैं। इनमें कल्ले ज़्यादा और बालियां लंबी है, और यह रोगों के प्रति सहनशील है। सबसे खास बात यह है कि बदलती प्रकृति से उभर रही नई-नई चुनौतियों में भी इन किस्मों के परिणाम श्रेष्ठ हैं। अपनी इन्हीं विशेषताओं के चलते ये दोनों किस्में भारत के विभिन्न क्षेत्रों के किसानों की पहली पसंद बन गई हैं। अनुभवी किसान विजेन्द्र सिंह बताते हैं कि इस साल उन्होंने अपने खेत में श्रीराम सुपर 5-एसआर 05 गेहूं की बुवाई की। उनका कहना है कि इस किस्म का तना बेहद मज़बूत है, जिससे फसल गिरने की संभावना नहीं रहती। साथ ही, कल्लों की संख्या अधिक है और हर बाली में 85-90 दाने मिलने से उत्पादन अत्यधिक रहा। वे कहते हैं, विपरीत मौसम में भी श्रीराम सुपर 5-एसआर 05 ने स्थिर और शानदार उपज दी — यह सच में भरोसेमंद गेहूं की किस्म है। साथ ही साथ श्रीराम द्वारा बाजार में दी जा रही किस्म श्रीराम सुपर 1-एसआर-14 से भी किसान बहुत खुश हैं व उत्तम परिणाम पा रहे हैं। एक अन्य किसान केदार सिंह जिन्होंने पिछले साल अपने खेत में श्रीराम सुपर 1-एसआर-14 गेहूं बीज की बुवाई की थी। उनका कहना है कि इसमें अन्य किस्म की तुलना में श्रीराम सुपर 1-एसआर -14 में लंबी बालियाँ, अधिक कल्ले और प्रति बालियों दानों की संख्या अधिक रही और श्रीराम 1-एसआर -14 में कम पानी की आवश्यकता पड़ी। वे अन्य किसानों को भी श्रीराम सुपर 1-एसआर 14 लगाने की सलाह देती हैं।

322 Views
What do you think?

Leave a Reply