अनोखा तीर, हरदा। आम किसान यूनियन की समन्वय समिति ने सोमवार 13 अक्टूबर को जिला कलेक्टर से भेंट कर किसानों की विभिन्न समस्याओं पर चर्चा की। इस दौरान कलेक्टर ने आश्वासन दिया कि जिला स्तर की सभी समस्याओं का निराकरण शीघ्र किया जाएगा तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य से संबंधित मांग राज्य शासन को प्रेषित कर दी जाएगी। बैठक में यूनियन के जगदीश सारण ने कलेक्टर को गांव-गांव चल रही ट्रैक्टर रैली और ज्ञापन प्रदर्शन की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने नष्ट हुई फसलों का मुआवजा और सोयाबीन व मक्का की खरीदी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर शीघ्र नहीं की, तो किसान राजधानी में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ डेरा डालेंगे। यूनियन के संजय खेरवा ने कहा कि अभी किसान गांवों से अपनी आवाज उठा रहा है, लेकिन यदि सरकार ने ध्यान नहीं दिया तो किसान जिला मुख्यालय और राजधानी में आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। द्वारका गुर्जर ने खेतों के रास्ते और बेसहारा मवेशियों की समस्या पर ध्यान आकर्षित किया और प्रशासन से शीघ्र निराकरण की मांग की।
आम किसान यूनियन की प्रमुख मांगे
अतिवृष्टि, कीट और वायरस से नष्ट हुई फसलों का तत्काल सर्वे कर किसानों को मुआवजा दिया जाए तथा फसल अनावरी सार्वजनिक की जाए, ताकि किसान बीमा का लाभ प्राप्त कर सकें।
-वर्तमान भावांतर योजना को तत्काल बंद कर सभी फसलों की खरीदी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जाए।
-वर्ष 2018 के भावांतर की बकाया राशि शीघ्र किसानों को दी जाए।
-डीएपी व यूरिया की उपलब्धता प्रत्येक पंचायत स्तर पर समिति के माध्यम से ऋणी व अऋणी किसानों को सुलभ कराई जाए।
-बेसहारा मवेशियों से फसलें बर्बाद हो रही हैं और दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं इनका प्रबंधन गौशालाओं में किया जाए।
-प्रत्येक खेत के रास्तों का अर्थवर्क किया जाए।
-जिन 20 से अधिक पटवारी हलकों में गिरदावरी में भूमि रिक्त दर्ज की गई है, वहां संशोधन कर वास्तविक फसलों का उल्लेख किया जाए।
-स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश के अनुसार सी2+50 प्रतिशत लागत के आधार पर एमएसपी गारंटी कानून बनाया जाए। इस अवसर पर आम किसान यूनियन के सुनील गोलियां, राम इनानिया, बसंत सारण, दिनेश तौलिया, दिनेश लेगा और करण चौधरी उपस्थित रहे।
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