अनोखा तीर, रहटगांव। गत 10 अक्टूबर को सुबह लगभग 8 बजे रहटगाँव पुलिस को सूचना मिली कि बडझिरी-बोबदा रोड पर किसी अज्ञात व्यक्ति का अधजला शव सड़क किनारे पड़ा हुआ है। सूचना की पुष्टि हेतु थाना प्रभारी रहटगाँव अपने दल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और मर्ग जांच प्रारंभ की। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए नर्मदापुरम से एफएसएल अधिकारी को बुलाया गया और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण करवाया गया। मर्ग जांच के दौरान मृतक की पहचान बिच्छापुर निवासी दयाराम मौर्य उम्र 54 वर्ष के रूप में हुई। मौके पर मृतक के परिजन भी उपस्थित थे, जिनके समक्ष मर्ग जांच की आवश्यक कार्यवाही की गई। घटना पर थाना रहटगाँव में मर्ग कायम कर जांच शुरू की गई। शव के पोस्टमॉर्टम से स्पष्ट हुआ कि मृतक की हत्या कर उसे जलाया गया था। पुलिस ने घटना की सूचना पर तत्परता दिखाते हुए घटनास्थल को सुरक्षित किया और शव का निरीक्षण करवाया। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक भी घटनास्थल पहुंचे और दिशा-निर्देश दिए। मृतक की पहचान वहां उपस्थित एक व्यक्ति और आधार कार्ड के आधार पर परिजनों द्वारा की गई।
अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) टिमरनी के नेतृत्व में आरोपियों की तलाश हेतु थाना रहटगांव, थाना टिमरनी और साइबर सेल हरदा का विशेष दल गठित किया गया। मुखबिर तंत्र और तकनीकी सहायता से मिले साक्ष्यों के आधार पर पता चला कि मृतक को अंतिम बार सलीम उर्फ सल्लाम, पिता शब्बीर शाह, निवासी लाइन पार टिमरनी के साथ देखा गया था। साक्ष्य और मृतक के परिजनों के कथनों के आधार पर प्रथम दृष्टया सलीम उर्फ सल्लाम को हत्या का आरोपी पाया गया। पूछताछ में आरोपी ने जुर्म स्वीकार करते हुए बताया कि मृतक के साथ पैसों का लेन-देन था और मृतक अपने पैसे वापस मांग रहा था। तंग होकर आरोपी ने हत्या की योजना बनाई, मृतक को बहला-फुसलाकर जंगल की ओर ले गया, नशा दिया और मौके पर डंडे से वार कर उसकी हत्या कर दी। बाद में साक्ष्य मिटाने के लिए शव पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। पुलिस ने प्रकरण में थाना रहटगांव में अपराध क्र.302, धारा 103(1), 238 के तहत मामला दर्ज कर आरोपी सलीम को गिरफ्तार किया। रहटगाँव पुलिस द्वारा अंधे कत्ल का खुलासा कर आरोपी की गिरफ़्तारी कर व्यावसायिक दक्षता का परिचय दिया गया। विशेष भूमिका निभाने वालों में एसडीओपी टिमरनी आकांक्षा तलया, थाना प्रभारी रहटगाँव मनोज दुबे, उनि अजय रघुवंशी, सउनि बृजमोहन सोलंकी, सउनि भूपेंद्र वाडिवा, प्र.आर देवेन्द्र सूरमा, प्र.आर बुदेश जोठे, आर कमलेश परिहार, आर. चालक सोनू, आर.चालक संजू, आर मुकेश धुर्वे, आर महेंद्र रघुवंशी, आर ब्रजेश चौहान और आर.राकेश पटेल शामिल हैं। इन सभी का योगदान आरोपी की धरपकड़ और अंधे कत्ल के खुलासे में महत्वपूर्ण रहा।

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