-शताब्दी वर्ष में समाज परिवर्तन का कार्य अपने हाथों में लेने का किया संकल्प
अनोखा तीर, हरदा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में हरदा नगर के स्वयंसेवकों ने हर्षोल्लास के साथ विजयदशमी उत्सव एवं शस्त्र पूजन कार्यक्रम मनाया। यह आयोजन स्थानीय हरदा डिग्री कॉलेज परिसर में संपन्न हुआ, जहां प्रात: से ही स्वयंसेवकों का आगमन प्रारंभ हो गया था। ठीक सुबह 8 बजे परंपरागत विधि से शस्त्र पूजन हुआ, जिसके पश्चात मुख्य वक्ता ने संघ की 100 वर्षों की गौरवशाली यात्रा पर प्रकाश डाला। मुख्य वक्ता ने अपने संबोधन में कहा कि संघ के लाखों स्वयंसेवकों ने अपने तन-मन-धन की आहुति देकर भारत माता का गौरव बढ़ाया है और समाज के उत्थान में उल्लेखनीय योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि जब-जब हिंदू समाज संगठित हुआ है, तब-तब देश की बड़ी से बड़ी समस्याएं समाप्त हुई हैं। चाहे कोरोना महामारी का संकट रहा हो, श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन रहा हो या स्थानीय स्तर पर मांदला की ट्रेन दुर्घटना अथवा हरदा नगर की पटाखा फैक्ट्री में आगजनी की घटना—हर विपत्ति और चुनौती में संघ के स्वयंसेवक समाज कल्याण हेतु सबसे पहले आगे आए हैं।
इस अवसर पर वक्ता ने कहा कि यह केवल संगठन की शताब्दी नहीं है, बल्कि यह लक्ष्यबद्ध कार्यकर्ताओं की भावनाओं, श्रद्धा, समर्पण, तपस्या, शुद्ध सात्विक प्रेम और परिश्रम की शताब्दी है। यह शताब्दी उन पीढ़ियों और परिवारों की है जिन्होंने संघ के विचार को जीवन के रूप में जिया। यह शताब्दी हिंदू समाज के संगठित स्वरूप की शताब्दी है। संघ के संस्थापक डॉ. हेडगेवार का स्मरण करते हुए वक्ता ने बताया कि स्वतंत्रता पूर्व की परिस्थितियों का गहन चिंतन कर उन्होंने राष्ट्र के पुनर्निर्माण और संगठन की आवश्यकता को पहचाना तथा आज से ठीक 100 वर्ष पूर्व नागपुर में संघ की पहली शाखा की स्थापना की। आज वही बीज वटवृक्ष का रूप लेकर समाज जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में अपना योगदान दे रहा है। वक्ता ने कहा कि संघ कुछ करता नहीं है और स्वयंसेवक कुछ छोड़ता नहीं है, इसी भावना के साथ प्रत्येक स्वयंसेवक निरंतर भारत माता की सेवा में जुटा हुआ है। कार्यक्रम में आवाहन किया गया कि आगामी समय में नगर की सभी बस्तियों में संचलन निकाला जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में स्वयंसेवक नवीन गणवेश धारण कर भाग लेंगे। साथ ही प्रत्येक घर में जाकर गणवेश वितरण का कार्य तीव्र गति से किया जाएगा, ताकि शताब्दी वर्ष के इस विशेष संचलन में सभी स्वयंसेवक सम्मिलित होकर ध्येय वाक्य भारत माता की जय के लिए अपनी आहुति अर्पित कर सकें। इस अवसर पर पंच परिवर्तन के कार्यक्रमों में भी सक्रिय सहभागिता का संकल्प लिया गया, जिससे समाज उत्थान की दिशा में ठोस कार्य हो सके। इस अवसर पर 400 से अधिक स्वयंसेवक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में जिला संघचालक नरेंद्र भांबू एवं नगर संघचालक घनश्यामदास सोमानी मंचासीन रहे। उत्सव के समापन पर सभी स्वयंसेवकों को इस विशेष अवसर पर मिष्ठान वितरण किया गया।




