गौशाला उत्थान संघ ने संचालन में आ रही समस्याओं के निराकरण करने दिया आवेदन

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– गौमाता को राज्य माता का दर्जा देने की मांग

अनोखा तीर, हरदा। मंगलवार को जिला पंचायत कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में जिले में संचालित गौशालाओं के संचालकों ने संचालन के दौरान आने वाली परेशानियों को लेकर कलेक्टर को एक शिकायत पत्र दिया। संघ के सदस्यों ने बताया कि जिले में संचालित सभी प्राइवेट और सरकारी गौशाला संचालकों ने मांगों को लेकर कई बार आवेदन दिया, लेकिन अब तक कोई निराकरण नहीं हुआ है। संघ के जिलाध्यक्ष अनिल गीते ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के सभी कलेक्टरों को जिले की सभी चरनोई भूमि को अतिक्रमण मुक्त करने के निर्देश दिए है। कई जिलों में इस मुहिम को लागू किया गया है। लेकिन हरदा जिले में इस मुद्दे पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई हैं। वहीं हर गांव में निराश्रित बेसहारा मवेशियों के लिए जगह निर्धारित की गई है, जिसको लेकर संगठन ने जगह भी बताई है। लेकिन, उस विषय पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने मांग की है कि, जिले में जहां भी गोशाला बनकर तैयार है, उनको जल्द से जल्द शुरू किया जाए। ताकि उनमें कुछ गौ वंश को रखा जा सके। जिले में सड़कों पर घूमने वाले गौ वंशीय पशुओं को गौ शाला भेजा जाए। जिससे आए दिन सड़क पर होने वाले हादसों पर विराम लग सके और जनधन की हानि पर रोक लगें। जिले में संचालित करीब 29 गौ शालाओं में पहले शासन से मिलने वाली अनुदान राशि को समय से दिया जाए। ताकि पशुओं को उनकी डाइट समय से दी जा सके। गोशाला संचालकों ने जिला प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि हमारी मांगों को जल्द पूरा नहीं किया जाता है, तो जिले के सभी गौशाला संचालक अपनी मांगों को लेकर सीएम हाउस के सामने धरना देने को बाध्य होंगे। कलेक्टर आदित्य सिंह ने उप संचालक पशु चिकित्सा को निराश्रित गौवंश की बेहतर देखभाल के लिए गौशालाओं में रखवाने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
मध्यप्रदेश में भी राज्य माता का दर्जा देने की मांग
गोशाला संचालकों ने कलेक्टर आदित्य सिंह से मांग की है कि पड़ोसी राज्य महाराष्ट की तर्ज पर मध्यप्रदेश में भी गौ माता को राज्य माता का दर्जा दिया जाए। ताकि गौवंशीय मवेशियों की देखभाल बेहतर की जा सकें।

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