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Sunday, 11 October 2026
हरदा

14 महीने के कार्यकाल में रीवा के लिए कई उपलब्धियां छोड़ गए

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गणेश पांडे, भोपाल। आईआईटियन एवं 2017 बैच के आईएफएस अनुपम शर्मा बतौर रीवा डीएफओ का मात्र 14 महीने के कार्यकाल में वन कानूनों के हद में रहते हुए कई उपलब्धियां छोड़ गए। अब उन्हें पन्ना की जिम्मेदारी दी गई। बुरहानपुर वन मंडल अतिक्रमणक माफिया के खिलाफ अभियान चलाने से सुर्खियों आए अनुपम शर्मा रीवा डीएफओ रहते हुए जटायु संरक्षण अभियान शुरू किया। इसके अंतर्गत विभिन्न हितधारकों जैसे गौशाला प्रबंधकों, गौ सेवकों, पशु चिकित्सकों, दवा दुकानों, इत्यादि को हानिकारक दवाओं का उपयोग न करने हेतु जागरूक किया गया और गिद्ध रहवास स्थलों की सतत निगरानी की गई। इसके फलस्वरूप, रीवा वनमण्डल में गिद्धों की संख्या 350 से लगभग 650 हो गई। इसके साथ ही शर्मा ने जुलाई 2024 में वनक्षेत्र में लगभग 5 लाख पौधों का रोपण हुआ। प्लास्टिक फ्री प्लांटेशन अभियान अंतर्गत लगभग 5000 किलोग्राम प्लास्टिक बैग्स के कचरे को संग्रहित कर उसे स्क्रेप डीलर को बेचा, जिससे प्लास्टिक कचरा रीसाइक्लिंग श्रृंखला में आया और 30,000 किलोग्राम कार्बनडाइऑक्साइड उत्सर्जन रोका गया। साथ ही, प्राप्त राशि से प्लास्टिक बॉटल्स के कचरे से बनी विशेष जैकेट्स का क्रय किया गया।टिंबर माफिया पर कसा शिकंजारीवा में इंटर-स्टेट टिंबर माफिया के खिलाफ अभियान शुरू किया। सीधी और अनूपपुर के जंगलों से इमरती लड़कियां काटी जा रही और उनका अवैध परिवहन कर रीवा के रास्ते से उत्तर प्रदेश भेजा जा रहा था। रीवा वन मंडल का चार्ज लेने के बाद महीनों रेकी कराई और फिर धर-पकड़ का अभियान शुरू किया। लकड़ी के अवैध परिवहन को रोकने के लिए लगभग 80 कार्यवाहियां की। जिनमें वन अपराध प्रकरण दर्ज किए गए। कई हेक्टेयर वन क्षेत्र से अतिक्रमण हटाया गया। एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम किया डेवलप रीवा वन मंडल में पहली बार किसी डीएफओ ने लिखे और परंपरा से हटकर काम किया। आईआईटियन होने के नाते डीएफओ अनुपम शर्मा ने कुछ चिन्हित प्लांटेशन में एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग और ग्राउंडवाटर लेवल मॉनिटरिंग सिस्टम ईजाद किया। इससे वानिकी कार्यों का पर्यावरण पर सकारात्मक प्रभाव को मापा जा सके। बसामन मामा गौवंश विहार में किए गए रोपण में सिंचाई कार्यों के सतत अनुश्रवण और निगरानी हेतु स्मार्ट सेंसर सिस्टम स्थापित किए गए। पूरे देश में इस तरह का कार्य पहली बार रीवा वनमण्डल में ही हुआ है।अन्य उपलब्धियांड्रोन से हवाई सीडिंग एवं बीजरोपण कार्य भी प्रयोगात्मक रूप से किया गया। ऐसा मध्य प्रदेश में पहली बार हुआ था। वर्तमान में यहां अंकुरण संतोषजनक है।-रीवा वनमण्डल में पहली बार रीवा फॉरेस्टर्स मीट का आयोजन किया गया, जिसमें वनकर्मियों में टीम भावना विकसित करने हेतु कई मनोरंजक गतिविधियां की गई।-19 अनुभूति कार्यक्रमों का सफल आयोजन किया गया, जिसमें 2000 से भी अधिक बच्चों ने भाग लिया। 40 स्कूलों एवं कॉलेज में ईको क्लब को सशक्त किया गया।-वन संरक्षण अधिनियम एवं वन अधिकार अधिनियम अंतर्गत विकास कार्यों हेतु अनुमति देने की त्वरित कार्यवाही की गई।

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