अनोखा तीर, हरदा। शासकीय आदर्श महाविद्यालय हरदा में प्राचार्य विजय कुमार के मार्गदर्शन में शुक्रवार को महाविद्यालय में ड्रेस कोड नीति तैयार करने के संबंध में मीटिंग का आयोजन किया गया। जिसमें राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत शिक्षण संस्थानों में ड्रेस कोड होना चाहिए या नहीं होना चाहिए इस पर विद्यार्थियों पालकगण एवं कर्मचारियों के बीच विचार विमर्श किया गया। जिसमें विद्यार्थियों ने सहमति जताते हुए बताया कि महाविद्यालय में ड्रेस कोड होना चाहिए, जिससे कि संस्था में अनुशासन एवं एकरूपता का वातावरण स्थापित हो सकता है। साथ ही छात्रों द्वारा यह समस्या बताई गई की ड्रेस के लिए शासन द्वारा विद्यार्थियों को अनुदान दिया जाना चाहिए, जिससे की आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों पर आर्थिक बोझ ना पड़े। बैठक में विद्यार्थियों एवं पालकगण ने छात्र-छात्राओं के लिए किस प्रकार की ड्रेस होना चाहिए इस पर भी अपने विचार व्यक्त किये। जिसमें छात्राओं ने बताया कि हमारे लिए सलवार, कुर्ती एवं दुपट्टा होना चाहिए। साथ ही छात्रों ने बताया कि हमारे लिए पेंट एवं शर्ट होना चाहिए। रंग का निर्धारण शासन के निर्देशानुसार होगा। बैठक में कुछ विद्यार्थियों ने ड्रेस कोड की कमियों पर विचार रखते हुए कहा कि इससे हमारे व्यक्तिगत पहचान नहीं रहेगी, चूंकि अब हम वयस्क हो गए हैं इसलिए हमें हमारी पसंद की ड्रेस पहनने का अधिकार है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में महाविद्यालय के स्टाफ ड्रेस कोड नीति प्रभारी श्रीमती सोनाली ठाकुर, डॉ.सोनिका बघेल, अंतिम कनेरिया, भारती चंदेल, डॉ.अनीता बिरला, डॉ.माया रावत, गोविंदसिंह तोमर, डॉ.धर्मेंद्र चौहान, श्रीमती कविता पुनासे, श्रीमती सोनाली वागर्दे, श्रीमती शक्ति भट्ट, डॉ.कल्पना बारस्कर, सीमा रजक, सुरभि राजपूत, शुभश्री धुर्वे, गुणवंत माकोड़े, डॉ. कृष्ण कुमार सातनकर, नूर मोहम्मद राजेंद्र नांगल, डॉ. तोताराम पटेल, संदीप कुंभकार उपस्थित रहे। अंत में सर्वसहमति से ड्रेस कोड नीति लागू करने का निर्णय लिया गया।
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