अनोखा तीर बुरहानपुर:-नौतपा का पहला दिन जिले के केला उत्पादक किसानों के लिए तबाही लेकर आया। शनिवार देर शाम आए आंधी तूफान ने डेढ़ दर्जन से ज्यादा गांवों की केला फसल को तबाह कर दिया। जिससे किसानों को लाखों का नुकसान हुआ है। खून के आंसू रो रहे किसानों को ढाढस बंधाने के लिए भाजपा और कांग्रेस के नेता खेतों में पहुंचे तो किसानों ने फफकते हुए फिर उनसे फसल बीमा का लाभ दिलाने की मांग उठाई।
बिजली के पोल टूटे, सप्लाई ठप
तेज गति से चली हवा की तीव्रता का अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि दो दर्जन से ज्यादा गांवों के 200 से ज्यादा विद्युत पोल गिर गए अथवा टूट गए। साथ ही विद्युत प्रदाय करने वाली 15 से 20 डीपी भी गिर गईं। जिससे इन गांवों में शनिवार शाम से रविवार दोपहर तक विद्युत सप्लाई ठप रही। रविवार दोपहर विद्युत वितरण कंपनी ने किसी तरह गांवों की सप्लाई तो शुरू करा दी है, लेकिन खेतों की विद्युत सप्लाई शुरू होने मे दो से तीन दिन का समय लग सकता है।
नेपानगर क्षेत्र बोरसल गांव में एक दर्जन से ज्यादा कच्चे मकानों के टिनशेड उड़ गए। जिससे इन परिवारों की पूरी गृहस्थी तहस-नहस हो गई है। इन गांवों की केला फसल हुई बर्बादआंधी तूफान के कारण जिन गांवों की केला फसल को सर्वाधिक नुकसान हुआ है, उनमें बंभाड़ा, खामनी, बक्खारी, नीमगांव, रेहटा, सुखपुरी, उमरदा, धामनगांव, बोरसल, दापोरा, इच्छापुर, वारोली, भोटा, लोनी, नाचनखेड़ा, दर्यापुर, खड़कोद, जैनाबाद, रायगांव, नसीराबाद, अड़गांव आदि शामिल हैं।

मुआवजे का आश्वाशन
स्थानीय विधायक और भाजपा की प्रदेश प्रवक्ता अर्चना चिटनिस ने कलेक्टर भव्या मित्तल से चर्चा कर फसल नुकसानी का जल्द सर्वे कराने और मुआवजा वितरित करने के लिए कहा है। उन्होंने सर्वे दल में कृषि, उद्यानिकी विभाग और कृषि विज्ञान केंद्र के अधिकारियों को शामिल करने के लिए भी कहा है। जिससे क्षति का आंकलन ठीक तरह से हो सके। सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने भी मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव से फोन पर चर्चा कर जिले की स्थिति बताई है। कलेक्टर से जल्द सर्वे करा मुआवजा वितरित करने के लिए कहा है।
इन गांवों के विद्युत पोल व डीपी गिरी
विद्युत वितरण कंपनी के कार्यपालन यंत्री सुनी मावस्कर ने बताया कि डेढ़ दर्जन से ज्यादा गांवों के दो सौ से ज्यादा विद्युत पोल व डीपी गिरी हैं। जिन गांवों में ज्यादा नुकसान हुआ है, उनमें निम्ना, बसाड़, रातागढ़, मांडवा, सागफाटा, अनुमत खेड़ा, नागुलखेड़ा, कालमाटी, रायगांव, सुखपुरी, फोपनार, रेहटा, रायगांव, भावसा, खामनी आदि शामिल हैं। रविवार दोपहर तक अधिकांश गांवों की बिजली चालू कर दी गई थी, लेकिन सिंचाई फीडर के पोल सबसे ज्यादा गिरने के कारण सप्लाई चालू करने में समय लगेगा।
महाराष्ट्र में किसानों को मिल रहा लाभ
कांग्रेस के पूर्व प्रदेश महासचिव अजय रघुवंशी भी रविवार को आंधी तूफान से प्रभावित फसलों का जायजा लेने खेतों में पहुंचे। उन्होंने अड़गांव, रायगांव, नीमगांव, बंभाड़ा आदि में किसानों से भेंट कर स्थिति जानी। किसानों ने बताया कि सैकड़ों की संख्या में केले के पौधे गिरे हैं। रघुवंशी ने कहा कि पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र में हीट वेव से खराब हुई केला फसल पर किसानों को फसल बीमा का लाभ मिला है। मप्र की सरकार ने अब तक फसल बीमा का लाभ नहीं दिलाया। इसे लेकर कांग्रेस किसानों के साथ मिल कर लड़ाई लड़ेगी।
केला फसलों का मौसम आधारित बीमा करे सरकार
कांग्रेस ने कहा है कि जिले की केला फसल प्राकृतिक आपदाओं से लगातार प्रभावित हो रही है। जिससे किसानों को भारी नुकसान हो रहा है। इसे लेकर प्रदेश सरकार गंभीर नजर नहीं आ रही है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष रिंकू टाक ने कहा है कि केला फसल को मौसम की मार से बचाने के लिए सरकार की तरफ से कोई प्रयास नहीं किया जा जा रहा। किसान लगातार चार साल से फसल बीमा योजना का लाभ दिलाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन भाजपा सरकार उन्हें इसका लाभ नहीं दिला पाई। इसके साथ ही उन्होंने आरबीसी के प्रविधानों में भी परिवर्तन करने की मांग की है।
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