मां रेवा का आंचल हो रहा तार-तार…

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अनोखा तीर, हंडिया। प्रदेश की जीवनरेखा कहलाने वाली मां नर्मदा का आंचल रेत माफियाओं के कारण खुलेआम तार तार हो रहा है। बताया जाता है कि लाखों-करोड़ों नर्मदा भक्तों, साधु संतों की आस्था मां नर्मदा के प्रति जुडी हुई है। बावजूद इसके फिर क्यों जिम्मेदार कार्रवाई के नाम पर मौन बैठे हुए हैं। हरदा जिले की हंडिया तहसील क्षेत्र में लम्बे समय से खनिज संपदाओं की बंदरवॉट का सिलसिला अभी भी थमा नहीं है। यहां प्रशासन खनिज विभाग के तमाम दावे सिर्फ रस्म अदायगी बनकर रह गए हैं।

बंद रेत खदानों से भी रेत का खनन

प्रतिबंधित रेत खदानों से रेत का अवैध कारोबार खूब फलफूल रहा है और जिम्मेदार चुप्पी साधे बैठे है। उधर ग्रामीणों का कहना है कि रेत खदानों से नर्मदा के मध्य निकलने वाली बालू रेत को खुलेआम नर्मदा के मध्य नौकाओं से खुले आम निकाल रहे है और जिम्मेदार चुप्पी साधे हुए बैठे है। बताया जाता है कि नर्मदा के छिपानेर से लेकर सिगोन मैदा, गबला, भमोरी, मनोहरपुरा, गोयत, जलौदा गांवों के नर्मदा क्षेत्रों में सैकड़ों कि संख्या में यांत्रिक नौकाओं के माध्यम से बिना रोक-टोक खनिज विभाग की छत्र छाया में अवाध गति से रेत का खनन किया जा रहा है।

एनजीटी के नियमों की उड़ा रहे धज्जियां

जानकार सूत्रों की माने तो खनिज विभाग के जिम्मेदारों और रेत माफियाओं कि साठगांठ के चलते दिन-रात टैक्टर-ट्रॉलियो डम्परो से नर्मदा के मध्य यांत्रिक नौकाओं द्वारा प्रतिबंधित रेत खदानों में सैकड़ों की संख्या में नाव रेत का अवैध खनन कार्य कर रहे हैं। अब सवाल यह उठता है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री मां नर्मदा के आंचल में लग रहे दाग को मिटा पायेंगे या ऐसे ही मां नर्मदा का सीना छलनी होता रहेंगा?

नर्मदांचल क्षेत्र के घाटों पर भयाभय गड्ढो से हादसों का डर

सिगौन-मैदा मनोहरपुरा आदि नर्मदा घाटों पर भी रेत खनन माफियाओं द्वारा गडढे कर दिए गए हैं, जिससे कभी भी गहरे पानी में नर्मदा स्नान करने तीज त्यौहारों पर आने वाले श्रद्धालुओं परेशानी उठानी पडती है। वहीं हादसों का अदेशा बना रहता है।

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