-कलेक्टर सिद्धार्थ जैन के मार्गदर्शन में हरदा जिले में चल रहा अभिनव प्रयास
अनोखा तीर, हरदा। कलेक्टर सिद्धार्थ जैन के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में हरदा जिले में कुपोषण मुक्ति की दिशा में एक अभिनव एवं जनसहभागिता आधारित पहल पोषण प्रहरी संचालित की जा रही है। यह नवाचार जिले के गंभीर कुपोषित एवं कुपोषित बच्चों को सुपोषण की मुख्य धारा से जोड़ने की दिशा में एक प्रभावी एवं संवेदनशील प्रयास के रूप में उभरकर सामने आया है। महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी राजा रंगारे की सतत मॉनिटरिंग, प्रभावी समन्वय एवं निरंतर प्रयासों से अभियान को उल्लेखनीय सफलता प्राप्त हो रही है। विभागीय टीम द्वारा बच्चों की नियमित निगरानी, स्वास्थ्य परीक्षण एवं पोषण सहायता सुनिश्चित की जा रही है, जिससे बच्चों के स्वास्थ्य स्तर में निरंतर सुधार देखने को मिल रहा है। पोषण प्रहरी अभियान का मुख्य उद्देश्य ऐसे बच्चों की नियमित मॉनिटरिंग, पोषण सहायता एवं सामुदायिक सहयोग के माध्यम से उन्हें कुपोषण की श्रेणी से बाहर लाना है। अभियान के अंतर्गत गंभीर रूप से कुपोषित एवं मध्यम कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें निरंतर पोषण सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। इसके लिए प्रत्येक जिला अधिकारी को दो-दो बच्चों का लक्ष्य प्रदान किया गया है, जिनकी व्यक्तिगत जिम्मेदारी लेते हुए अधिकारी बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सुधार हेतु सतत प्रयास कर रहे हैं। अभियान के अंतर्गत संबंधित अधिकारियों द्वारा बच्चों को पोषण तत्वों से युक्त न्यूट्रिशन किट प्रदान की जा रही है। इन किटों में प्रोटीन, आयरन, कैल्शियम एवं अन्य आवश्यक पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य सामग्री सम्मिलित की गई है, जिससे बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास को गति मिल सके। विशेष बात यह है कि यह सहायता तब तक निरंतर प्रदान की जाती है, जब तक संबंधित बच्चा कुपोषण की श्रेणी से बाहर नहीं आ जाता। पोषण प्रहरी अभियान के अंतर्गत जिले में कुल 613 कुपोषित एवं अतिकुपोषित बच्चों को चिन्हित किया गया है, जिनमें से अब तक लगभग 200 बच्चों को कुपोषण से मुक्ति दिलाई जा चुकी है। यह उपलब्धि जिला प्रशासन, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा संबंधित अधिकारियों की सक्रिय कार्यप्रणाली एवं प्रतिबद्धता का परिणाम है। इस नवाचार के द्वितीय चरण में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों एवं समाज के प्रबुद्ध नागरिकों को भी अभियान से जोड़ा गया है। समाज की सहभागिता से बच्चों के बेहतर पोषण, देखभाल एवं जागरूकता गतिविधियों को और अधिक गति मिल रही है। अभियान के माध्यम से कुपोषण के विरुद्ध सामाजिक चेतना विकसित करने का भी प्रभावी प्रयास किया जा रहा है। कलेक्टर सिद्धार्थ जैन ने कहा है कि कुपोषण केवल स्वास्थ्य संबंधी समस्या नहीं, बल्कि सामाजिक विकास से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। बच्चों का स्वस्थ एवं सुपोषित होना जिले के समग्र विकास का आधार है। इसी सोच के साथ पोषण प्रहरी अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि प्रत्येक बच्चा स्वस्थ, सुरक्षित एवं सुपोषित जीवन प्राप्त कर सके। जिला प्रशासन द्वारा अभियान की नियमित समीक्षा की जा रही है। महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों के समन्वय से बच्चों की स्वास्थ्य जांच, वजन निगरानी एवं पोषण परामर्श जैसी गतिविधियां निरंतर संचालित की जा रही हैं। अभियान के माध्यम से जिले में कुपोषण के विरुद्ध प्रभावी वातावरण निर्मित हुआ है तथा सकारात्मक सामाजिक सहभागिता देखने को मिल रही है। पोषण प्रहरी नवाचार आज हरदा जिले में सुशासन, संवेदनशील प्रशासन एवं सामुदायिक सहभागिता का प्रेरणादायी उदाहरण बनकर सामने आया है। जिला प्रशासन का यह प्रयास न केवल बच्चों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रहा है, बल्कि समाज को भी कुपोषण मुक्त भविष्य की दिशा में जागरूक एवं प्रेरित कर रहा है।
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