Skip to content
Friday, 16 October 2026
इंदौर

सरकार किसी व्यक्ति की भूमि अधिगृहीत कर रही है तो उसे है मुआवजे का अधिकार

2 min read
Text Size:

अनोखा तीर इंदौर:-प्रदेश या देश में जितनी भी भूमि है उसे शासन कभी भी जनहित के कार्यों के लिए अधिगृहीत कर सकता है। यह आम धारणा है कि अधिगृहण के पश्चात सरकार मुआवजा नहीं देती है लेकिन भू-अर्जन अधिनियम 2013 में यह कानून बनाया गया है कि अगर सरकार जनहित कार्यों के लिए शहर में किसी व्यक्ति या किसी संस्था की भूमि अधिगृहीत करती है तो उसे गाइडलाइन के हिसाब से दोगुना मुआवजा प्राप्त करने का अधिकार है।

वहीं अगर शहरी सीमा के बाहर ग्रामीण क्षेत्र में अधिगृहण होता है तो गाइडलाइन से चार गुना मुआवजा प्राप्त करने का वैधानिक अधिकार प्राप्त है। हालांकि यहां यह बताना जरूरी है कि प्रदेश में ग्रामीण क्षेत्र में अधिगृहण होने पर दोगुना मुआवजा देने का ही प्रविधान है। अगर यह अधिगृहण केंद्र शासन द्वारा किया जा रहा है तो जरूर चार गुना मुआवजा दिया जाता है।

एडवोकेट मनीष सांखला ने बताया कि सरकार को जिन भूमियों को अधिगृहित करना होता है सर्वप्रथम उसका इस अधिनियम की धारा 11 के तहत नोटिफिकेशन जारी किया जाता है। जिस व्यक्ति की भूमि अधिगृहित होने जा रही है उसे अपनी आपत्ति प्रस्तुत करने का पर्याप्त समय दिया जाता है। इन आपत्तियों का निराकरण भू-अर्जन अधिकारी या कलेक्टर द्वारा धारा 15 और धारा 19 के तहत किया जाता है।

आपत्ति की सुनवाई का पूर्ण अवसर देने के बाद ही भू-अधिगृहीत करने का निर्णय पारित किया जाता है। इस निर्णय में यह स्पष्ट होता है कि कितनी भूमि अधिगृहीत की जा रही है, इन भूमियों के कौन-कौन स्वामी हैं और इन भूमियों के पूर्व में विक्रय हुए विक्रय की अधिकतम दर क्या रही है। इसी आधार पर सबसे ज्यादा विक्रय दर को स्वीकारते हुए मुआवजे की राशि तय की जाती है। अगर बाजार मूल्य से गाइडलाइन ज्यादा है तो गाइडलाइन के अनुसार मुआवजा तय किया जाता है। नया कानून लागू होने से मुआवजा राशि शीघ्र और आसानी से भू-स्वामी को प्राप्त हो जाती है।
इस कानून में यह प्रविधान भी है कि अगर किसी भू-स्वामी की या गांव की संपूर्ण भूमि अधिगृहीत की जा रही है तो वहां रहने वाले लोगों को अन्यत्र पुनर्वास भी किया जाता है। अगर कोई व्यक्ति जिलाधीश द्वारा पारित मुआवजे से असंतुष्ट है तो वह छह सप्ताह के भीतर दोबारा आवेदन दे सकता है। जिलाधीश इस पर दोबारा सुनवाई करते हैं। मुआवजे की राशि अवार्ड पारित होने के तुरंत बाद बैंक खाते में जमा करा दी जाती है।
91 Views
What do you think?

Leave a Reply