आप जो यह तस्वीर देख रहे हैं, वह शहर के विभिन्न मार्गो पर आम बात है। लेकिन ऐसे तरीकों से असुरक्षित परिवहन की बात से इंकार नही कर सकते हैं। दरअसल, लोग मकान निर्माण में उपयोगी लोहे का सरिया खरीदकर उसे ट्रेक्टर-ट्राली और हाथठेला समेत अन्य तरीकों से कार्यस्थल तक लेकर जाते हैं। इस बीच संतुलन बिगड़ने के कारण सरिये ऊपर-नीचे होते हैं। जिसके चलते ठेला चालक को पिछले हिस्से में वजन बढ़ाने की जरूरत पड़ती है, अन्यथा ठेला अनियंत्रित हो जाता है। इसी तरह ट्राली में लदा सरिया सड़क पर लहराता हुआ निकलता है। जिसकी चपेट में आने का डर रहता है। इस बारे में जागरूक लोगों का कहना है कि ऐसे समय पर लोहे के सरियों को सुरक्षित करना बहुत जरूरी है, ताकि कोई अप्रिय घटना की गुंजाइश ना रहे। परंतु ऐसा दिखाई नही देता है। जिसके कारण हादसे की आशंका को बल मिलता है। उन्होंनें यह भी कहा कि ये दृश्य व्यस्ततम एवं भीड़भाड़ वाले इलाकों में भी देखने को मिल जाएगा। जिसे देखकर लोग कहना नही चूकते, कि यह बात गलत है।

