हरदा की धरा पर प्राकृतिक खेती के जनक, बोले- रासायनिक खेती की चकाचौंध में विस्मृत हुई मूल धरोहर

WhatsApp Image 2025-09-19 at 11.24.35 PM

 

जैविक कृषकों के प्रयासों को सराहा

अनोखा तीर, हरदा। प्राकृतिक खेती के जनक एवं अंतराष्ट्रीय स्तर पर कृषि विशेषज्ञ की ख्याति प्राप्त ताराचंद बैलजी गुरूवार को हरदा की धरा पर पहुंचे। यहां अपने दो दिवसीय प्रवास के पहले दिन श्री बैलजी ने स्थानीय एलबीएस कॉलेज में करीब 40 से 50 जैविक कृषकों को मार्गदर्शन दिया, वहीं प्राकृतिक खेती में अधिक मुनाफा हासिल करने के टिप्स भी दिए। साथ ही जैविक कृषकों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया। इससे पहले श्री बैलजी अपने तय कार्यक्रम के अनुसार मुख्यालय पर भाजपा नेता एवं जैविक कृषक नितेश बादर की ्रप्राकृतिक खेती को देखने पहुंचे। यहां विभिन्न नवाचारों को देख बैलजी भाई गदगद हो गए। वहीं युवा कृषक के प्रयासों की भरसक सराहना भी की। इस मौके पर जैविक कृषकों के टीम ने श्री बैलजी का साफा पहनाकर अभिवादन किया। प्राप्त जानकारी के अनुसार पारंपरिक भारतीय कृषि संयोजन समिति हरदा तथा प्राकृतिक एवं जैविक खेती की मूल अवधारणा पर किसान पाठशाला प्रशिक्षण वर्ग का आयोजन रखा है। दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुक्रवार 19 जनवरी को समापन होगा। बता दें कि इस एक दिवसीय कृषि पाठशाला में पंचमहाभूत ज्ञान आधारित मूल प्राकृतिक खेती की तकनीक सिखाई जा रही है।

जैविक कृषि को मिलेगा बल

इस संबंध में जैविक कृषक नितेश बादर ने बताया कि हरदा की धरा पर श्री बेलजी की मौजूदगी युवा कृषकों के लिये अनमोल क्षण है। दो दिवसीय कार्यक्रम के पहले दिन प्रशिक्षण में जहां कई कृषकों ने हिस्सा लिया, वहीं प्राकृतिक खेती अंतर्गत उत्पादन बढ़ाने के गुर भी सिखे। इससे कृषकों को दो फायदे हैं। पहला जहरमुक्त खेती तथा दूसरा बेहतर आय की शुरूआत है। उन्होंनें यह भी बताया कि जिले के जैविक कृषकों ने उत्पादन को पृथक रख प्राकृतिक खेती को तवज्जों दे रहे हैं, जो आगे चलकर दूरगामी परिणामों में तब्दील होंगे।

पारंपरिक पद्धति अपनाएं किसान

इस अवसर पर ताराचंद बेलजी ने बताया कि टीसीबीटी कृषि परंपरा भारत की सबसे प्राचीन कृषि ज्ञान है, जो कि भारत की मूल विरासत है। इसे आधुनिक कृषि विज्ञान के साथ जोड़कर विकसित एवं समृद्ध बनाया है। उन्होंनें यह भी कहा कि रासायनिक खेती की चकाचौंध के कारण विस्मृत हो चुकी देश की इस मूल धरोहर को पुन: जीवित करने की जरूरत है। उस दिशा में तेजी स प्रयासरत हैं।

Views Today: 2

Total Views: 156

Leave a Reply

error: Content is protected !!