आप जो यह तस्वीर देख रहे हैं, वह शहर के महाराणा प्रताप कालोनी की है, जो कोई स्थायी नाली नही है बल्कि नाली चोक हो जाने कारण जिधर राह मिली, उस दिशा में बहता पानी है। यह समस्या गली में गंदगी का वातावरण निर्मित करता है। जिसके चलते राहगिरों को गंदगी से होकर गुजरना पड़ता है। इस बारे में लोगों का कहना है कि आए दिन नाली चोक हो जाती है। जिससे सारी गंदगी सड़क पर बहने लगती है। इस बीच तीज-त्यौहार एवं धार्मिक पर्वो दौरान खासी दिक्कतें होती हैं। जिस पर जिम्मेदार विभाग का मानो ध्यान तक नही है। अन्यथा ऐसी छोटी-मोटी समस्याओं पर त्वरित संज्ञान लिया जाता। परंतु यहां ऐसी तत्परता का लंबे समय से अभाव है। ऐसी स्थिति में अब एक-दो दिन गंदगी से दो-चार करना मजबूरी समान है। मोहल्ले वालों के मुताबिक प्लास्टिक की पन्नियां समेत अन्य कचरा फंस जाने से यह समस्या पैदा होती है। जिसका स्थायी समाधान किए जाने की जरूरत है। क्योंकि यहां आए दिन गंदे वातावरण के चलते लोग दो टूक कह ही देते हैं, कि यह बात गलत है।

