अनोखा तीर, खिरकिया। ग्राम बाबड़िया के समीप नहर किनारे किसानों ने मूंग फसल के लिए पानी नहीं मिलने से आक्रोशित होकर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। किसानों का कहना है कि सिंचाई विभाग की लापरवाही के कारण उनकी ग्रीष्मकालीन मूंग फसल सूखने की कगार पर पहुंच गई है। किसानों ने बताया कि सिंचाई विभाग द्वारा 36 घंटे की ओसराबंदी लागू की गई थी, लेकिन पिछले कुछ दिनों से टेल क्षेत्र के गांवों तक पानी नहीं पहुंच रहा है। इससे परेशान होकर ग्राम सारसूद, बाबड़िया, जूनापानी, पड़वा, पहेटकलां एवं छीपाबड़ के किसानों ने गुरुवार सुबह से अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। धरने पर बैठे किसानों का कहना है कि भीषण गर्मी में किसान आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सिंचाई विभाग एवं प्रशासन का कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। किसानों ने आरोप लगाया कि विभागीय अधिकारी गैर जिम्मेदाराना बयान देते हुए यह कह रहे हैं कि धरना स्थल वाला क्षेत्र उनके कमांड क्षेत्र में नहीं आता, जबकि पिछले चार वर्षों से किसान यहां ग्रीष्मकालीन मूंग फसल की बोनी कर रहे हैं और नहर की बिलिंग भी नियमित रूप से जमा कर रहे हैं। किसानों ने इसे अधिकारियों द्वारा जिम्मेदारी से बचने का प्रयास बताया। धरना प्रदर्शन में शंकर सिंह सोलंकी, भूपेंद्र राजपूत, कैलाश सिंह कलम, बलवंत सिंह कलम, बबलू राजपूत, शिवशंकर राजपूत, शुभम निकुम, कृष्णा राजपूत, शिवदान सोलंकी, आनंद चौहान, लोकेश सोलंकी, राहुल राजपूत, सरदार राजपूत, कैलाश राजपूत, दीवान जी, रामनाथ ठाकुर, रवि कलम, वीरेंद्र कलम सहित दर्जनों किसान शामिल रहे।
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