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Thursday, 29 October 2026
मध्य प्रदेश हरदा

पंचायतों में डिजिटल पेमेंट की रफ्तार मंदी

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अनोखा तीर, हरदा। केंद्र सरकार द्वारा पंचायतों में डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने की योजना शुरू की गई थी। लेकिन इसकी धीमी रफ्तार के कारण पंचायतों का टैक्स कलेक्शन नहीं बढ़ पाया है। शासन का मानना था कि यह सिस्टम राज्य में लागू होने पर पंचायतों का टैक्स कलेक्शन तो बढ़ेगा ही, साथ में टैक्स पेमेंट में पारदर्शिता भी आएगी। बताया जाता है कि टैक्स कलेक्शन और डिजिटल पैमेंट को बढ़ावा देने की जिम्मेदारी रोजगार सहायकों को सौंपी गई थी जिसकी मॉनिटरिंग जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा की जाएगी। मगर अभी हालात यह हैं कि यह मॉनिटरिंग नहीं हो पाती और टैक्स की बकाया राशि जमा नहीं हो पाती है। इससे पंचायतों को विकास कार्य हेतु शासन की योजनाओं पर आश्रित रहना पड़ता है। जबकि टैक्स कलेक्शन होने से अपनी अधोसंरचना विकास के लिए वे जरूरी फंड अपने स्तर पर जमा करा सकती हैं। इस बारे में केंद्र सरकार ने 15 अगस्त तक सभी 23 हजार पंचायतों में क्यूआर कोड लागू कर भुगतान व कर संग्रहण की रिपोर्ट मंगाई थी। मगर प्रदेश सरकार की तरफ से अभी कोई पहल नहीं की गई है।

सेवा प्रदाताओं के नाम भी सुझाए थे केंद्र सरकार ने

केंद्र शासन द्वारा डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए डिजिटल भुगतान से जुड़े सेवा प्रदाताओं के नाम भी उपलब्ध कराए थे। इसमें कहा गया कि इनके साथ बैठक कर नियम और निदेशों के अनुसार चयन कर लें। इसके बाद पंचायत भवनों मे क्यूआर कोड लगवा दिए जाएं। ग्रामीणों के जनधन खातों को भी यूपीआइ से लिंक कराया जाए, ताकि वह डिजिटल भुगतान कर सके लेकिन एमपी में इस पर अभी काफी विलंब की स्थिति है। शासन द्वारा ध्यान न देने से अधिकांश पंचायतें क्यूआर कोड से डिजीटल पैमेंट की व्यवस्था शुरू नहीं कर पाई हैं। जो पंचायत सक्षम है, उनके अलावा अन्य पंचायतों को अपने हर कार्य हेतु सरकार की मदद पर निर्भर रहना पड़ रहा है।

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