देवास- मणिपुर में आदिवासी समाज पर हो रहे अत्याचार को लेकर आदिवास के अध्यक्ष निलेश वर्मा एवं अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के अध्यक्ष नंदकिशोर पोरवाल के नेतृत्व में शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष मनोज राजानी की विशेष उपस्थिति में राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू के नाम कलेक्टर कार्यालय में ज्ञापन दिया। ज्ञापन में बताया कि मणिपुर में हो रही जाति हिंसा को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए शीघ्र शांति बहाली की मांग नरेंद्र मोदी सरकार से की। साथ ही ज्ञापन में बताया कि मणिपुर में लगातार जातीय हिंसा उग्र रूप लेती जा रही है। शांति का माहौल बन नही बन पा रहा है। वहां कूकी समाज को अधिकारिक तौर पर जनजातीय शेडयूल ट्राईबल का दर्जा प्राप्त है।
इनकी संख्या बहुत कम है, यह जनजाति आदिवासी समाज गरीब होकर संघर्ष पूर्ण जीवन जी रहा है। उनके अधिकारों का हनन करते हुए वहां का मेतेई समाज उनके खिलाफ विद्वेष पूर्ण तरीके से हिंसात्मक रुख अपनाते हुए झगड़ रहा है। बड़े दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि सांप्रदायिक हिंसा को रोकने में केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पूरी तरह से असफल हुई है। मणिपुर में आज तक शांति बहाल नहीं हुई है जैसा की आपको विदित है कि महिलाओं बच्चों एवं निर्बलो के ऊपर अत्याचार की परीकाष्ठा हुई संचालन शहर कांग्रेस कार्यकारी अध्यक्ष सुधीर शर्मा ने किया। इस अवसर पर पूर्व महापौर रेखा वर्मा, कांग्रेस नेता नजर शेख, ज्ञान सिंह दरबार, प्रतीक शास्त्री, संतोष मोदी, राहुल पवार सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन उपस्थित थे।
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