अनोखा तीर, हरदा। करीबी ग्राम चारखेड़ा में गुरू पूर्णिमा के 9 दिन पश्चात श्रावण बदी नवमीं पर संत शिरोमणि परमहंस बाबा की समाधि पर करीब 70 से अधिक वर्षों से निशान चढ़ाया जाता है। प्रति वर्ष अनुसार इस वर्ष भी परमहंस बाबा समिति द्वारा परमहंस बाबा की पुण्यतिथि पर पूरे नगर में बाबा का निशान भ्रमण कराकर समाधि स्थल पर चढ़ाया गया। समाधि स्थल पर भक्तों ने बाबा के भजन कीर्तन एवं कथा का श्रवण किया। इस दौरान ग्राम चार खेड़ा में एक दिवसीय मेले का भी आयोजन किया गया। निशान चढ़ने पश्चात ग्राम में कढ़ाई का प्रसाद एवं भव्य भंडारे का भी आयोजन समिति द्वारा कराया गया। ग्रामीणों ने बताया कि संत शिरोमणि परमहंस बाबा ने ग्राम चारखेड़ा में ही समाधि ली थी। तब ग्राम के लोगों ने परमहंस बाबा का समाधि स्थल बनाया था। तबसे लेकर आज तक प्रत्येक वर्ष श्रावण बदी नवमी पर भजन कीर्तन और भंडारे का आयोजन किया जाता है। बाहर से बड़ी संख्या में बाबा के भजन करने तथा सिंगाजी महाराज एवं परमहंस बाबा की कथा सुनाने आते हैं। समस्त ग्राम के लोग कथा का श्रवण करने निशान यात्रा में शामिल होने के लिए हजारों लोग समाधि पर आते हैं। यहां इंदौर-बैतूल राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगे एक दिवसीय मेले में हजारों श्रद्धालु पहुंचे। यह मेला ग्राम कोटवार व पुलिस की देखरेख में हुआ। बाबा का निशान चढ़ने पश्चात ग्राम में करीब एक सप्ताह अलग-अलग व्यक्तियों द्वारा सिंगाजी बाबा के भजन कीर्तन तथा कथा व भंडारे के आयोजन किए जाएंगे।
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