तकादों से परेशान होकर उठाया कदम….
अनोखा तीर, हरदा। जिले के सिराली थानाक्षेत्र के ग्राम डंगावाशंकर में रहने वाले एक किसान ने कर्ज से तंग आकर जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया था। जिसकी इलाज दौरान मौत हो गई है। मामले में पुलिस ने प्रकरण कायम कर लिया है। वहीं मृतक का शव पोस्टमार्टम उपरांत परिजनों को सौंप दिया है। साथ ही मामले की प्रारंभिक जांच भी शुरू कर दी है। इधर, पुछताछ दौरान मृतक किसान के ऊपर लाखों रूपयें कर्ज होने की बात सामने आई है। जिनके तकादों से तंग आकर किसान ने यह गलत कदम उठा लिया। अस्पताल चौकी पर तैनात ड्यूटी अधिकारी ने बताया कि सिराली थानाक्षेत्र के ग्राम डंगावाशंकर में रहने वाला किसान राजेश पिता लक्ष्मीनारायण करोड़े उम्र 4 साल ने 7-8 जून की दरमियानी रात सल्फॉस का सेवन कर लिया। जिससे राजेश का स्वास्थ्य खराब हो गया। परिजन उसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल लेकर आए थे, जहां से उसे किसी निजी अस्पताल में ले जाया गया था। आज दोबारा परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे थे। जहां इलाज के दौरान मौत राजेश की मौत हो गई है।
परिजन बोले, कर्ज को लेकर परेशान था
इलाज दौरान दम तोड़ देने की खबर सुनकर परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल था। उनकी आंखों में आंसू थमने का नाम नही ले रहे थे। किसान के बेटे वीरेन्द्र करोड़े ने कहा कि उनके पिता के ऊपर करीब 40 लाख रूपयें का कर्ज था। जिसको लेकर वे काफी चिंतित थे। क्योंकि, साहूकारों के आए दिन के तकादे उन्हें परेशान कर रहे थे। उन सबसे परेशान होकर पिता ये कदम उठाया है। मृतक किसान के पुत्र ने यह तक कहा कि कर्ज की रकम पर भारी-भरकम ब्याज के कारण राशि बढ़ती चली गई। इन्हीं कर्ज के चक्करों में 10 एकड़ जमीन भी बिक गई।
ऋणमाफी योजना पुन: शुरू करें : दोगने
किसान के आत्महत्या करने के मामले में पूर्व विधायक डॉ आरके दोगने ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि प्रदेश के कृषि मंत्री कमल पटेल के गृह जिले में किसान ने कर्ज़ से परेशान होकर आत्महत्या की है। वहीं दूसरी ओर सत्ताधारी केन्द्र व राज्य सरकार किसानों की आय दोगुनी करने की बात कहती है। लेकिन जमीनी हकीकत कुछ ओर ही है। श्री दोगने ने सरकार की घोषणाओं को खोखला बताते हुए जमकर हमला बोला है। साथ ही इस बात पर जोर दिया कि पूर्व की कांग्रेस सरकार ने किसानों के हितार्थ चलाई गई ऋण माफी योजना को अविलंब शुरू किया जाएं।
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