लोनिवि की सड़कें व पुल-पुलियाओं की होगी मरम्मत
-खराब निर्माण के लिए अब ठेकेदार के साथ इंजीनियर भी होंगे जिम्मेदार
अनोखा तीर, हरदा। अब मध्यप्रदेश में बनने वाली सड़कों की गुणवत्ता खराब होने पर ठेकेदार के साथ-साथ संबंधित इंजीनियर भी जिम्मेदार होंगे। मरम्मत के काम को मुख्य अभियंता से लेकर उपयंत्री तक को देखना होगा। इसके लिए साप्ताहिक निरीक्षण का कार्यक्रम बनाकर वरिष्ठ अधिकारियों को भेजना होगा ताकि उसकी निगरानी की जा सके। विभाग ने यह व्यवस्था विशेष अभियान अंतर्गत लागू की है। यह ज्ञातव्य रहे कि गत वर्ष अतिवृष्टि दौरान बड़ी संख्या में सड़क, पुल-पुलियाएं क्षतिग्रस्त हुए थे। इनकी मरम्मत में काफी समय लगा था, इसे लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नाराजगी भी जताई थी। इस बार ऐसी स्थिति न बने, इसलिए पीडब्ल्यूडी ने विशेष निरीक्षण अभियान चलाया है। इसमें उन सड़क, पुल-पुलिया को चिह्नित किया जा रहा है, जिनकी मरम्मत की जानी है। सभी मुख्य अभियंताओं को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं प्रमुख सचिव भी इंजीनियरों की टीम के साथ निरीक्षण कर रहे हैं। लगभग साढ़े 3500 किलोमीटर सड़क की मरम्मत का काम जोर-शोर से किया जा रहा है। यह गुणवत्तापूर्ण हो, इसके लिए विभाग द्वारा यंत्रियों इंजीनियरों की जिम्मेदारी तय की गई है। साथ ही सभी जिला मुख्यालयों पर वषार्काल के लिए निर्माण सामग्री रखवाई जा रही है ताकि जहां भी सड़क, पुल या पुलिया के क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिले, वहां तत्काल मरम्मत का काम कराया जा सके। इससे जहां आवागमन प्रभावित नहीं होगा, वहीं क्षति को भी सीमित किया जाए। विभाग ने सभी मुख्य अभियंता को निर्देश दिए हैं कि जिन सड़कों में दरार आ गई है, वहां सीलिंग का काम कराकर दरार से पानी के प्रवेश को रोकने का प्रबंध किया जाए। जिन सड़कों में जलभराव की स्थिति बनती है, वहां कट लगाकर निकासी की व्यवस्था की जाएगी।
स्कूल और अस्पताल भवनों की प्राथमिकता
विभाग ने परियोजना क्रियान्वयन इकाई के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि स्कूल और अस्पताल भवनों की मरम्मत के काम प्राथमिकता के आधार पर करवाए जाएं। छत पर पानी जमा न हो, इसके लिए पर्याप्त निकासी की व्यवस्था रहे। किसी भवन में यदि दरार आ गई है तो उसे सर्वोच्च प्राथमिकता से ठीक कराया जाए। जो भवन बाढ़ या अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त हो सकते हैं, उन्हें खाली कराया जाए।
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