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Thursday, 22 October 2026
खरगोन

7 दिनों में कमियों को पूरा करें, फिर होगा वेतन आहरण

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स्वास्थ्य विभाग को मापदंडों में अव्वल रहने की आदत बनाने की हिदायत

पहले स्टडी करने और फिर नवाचार प्रारम्भ करने के कलेक्टर ने दिए निर्दे

 

खरगोन- कलेक्टर शिवराज सिंह वर्मा ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को हिदायत देते हुए कहा स्वास्थ्य मापदंडों पर खरा उतरते हुए अव्वल बने रहने की आदत बनाएं। साथ ही सीएमएचओ, सिविल सर्जन, बीएमओ और डीपीएम को अमले पर नियंत्रण और खास तौर पर निगरानी करने के भी निर्देश जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में दिए। इसके अलावा बैठक में प्रस्तुत डेटा में जो कमियां है उनको 7 दिनों में पूर्ण कराएं इसके बाद ही वेतन आहरण करें। अनमोल पोर्टल के अलावा विभागीय पोर्टल पर एएनसी रजिस्ट्रेशन, तिमाही जांच, 4 थी जांच पंजीयन तथा मोडरेट एनिमिक माताओं की इंट्री करने में कई कमियां पायी गई। पहली तिमाही में एएनसी जांच में भीकनगांव ने 2884, गोगांवा ने 2014 और झिरन्या द्वारा सबसे कम 1426 रजिस्ट्रेशन किया। बीएमओ झिरन्या पर नाराजगी व्यक्त की गई। कमी पाये जाने पर उनके स्तर से एएनएम या बीपीएम या जिम्मेदार पर की गई कार्यवाही के सम्बंध में बीएमओ को जवाब नहीं दे सके। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्रीमती ज्योति शर्मा, सीएमएचओ डॉ. डीएस चौहान, सिविल सर्जन डॉ. अमरसिंह चौहान, सभी बीएमओ, महिला एवं बाल विकास की कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती रत्ना शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी हेमेंद्र वडनेरकर और विभाग के बीपीएम व बीसीएम उपस्थित रहे।

 

कुपोषित बच्चों में सुधार के लिए पहले अध्ययन करेगा विभाग, फिर प्रारम्भ होगा नवाचार

कलेक्टर श्री वर्मा ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में कहा कि बड़वानी में एनआरसी में आने वाले बच्चों को ड्राय फ्रूट के अलावा आवश्यक पौष्टिक सामग्री प्रदान की जाती थी। साथ ही वहां निगरानी और रिपोर्टिंग सिस्टम भी बनाया गया था। उसके अनुरूप अध्ययन करें। इसके बाद खरगोन में भी यहां की व्यवस्थाओं और आवश्यकताओं को देखते हुए नवाचार प्रारम्भ किया जाएगा। जिले की 9 विकासखंडों में एक साथ नहीं हो सके तो पहले झिरन्या और भगवानपुरा में करके देखा जाएगा।

पहाड़ी प्रसव केंद्रों पर डिलेवरी की बेहतर स्थिति

बैठक के दौरान प्रसव केंद्रों पर डिलेवरी की स्थिति की भी समीक्षा की गई। जिले में 16 क्रियाशील प्रसव केंद्रों में सिरवेल में 380, पिपलझोपा में 251,रायलबेडा में 237,चिरिया में 208 डिलेवरी हुई। जबकि मुलथान में 26, मोहना में 60, पिपलगोंन में 79 डिलेवरी हुई है। बैठक के दौरान सिकलसेल अनीमिया, मातृ व शिशु मृत्यु दर, पोषण पुनर्वास केंद्र,राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, परिवार कल्याण, टीकाकरण आदि विषयों की समीक्षा की गई।

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