खरगोन। 24 मार्च शुक्रवार को विश्व क्षय दिवस मनाया जाएगा। प्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 2025 तक क्षय रोग (टीबी) मुक्त मध्यप्रदेश बनेगा। जिला क्षय अधिकारी डॉ आफताब लोदी ने बताया कि जिले में क्षय रोग की जाँच के लिए 24 प्रयोगशाला केन्द्र 02 सीबीनॉट साईट एवं 09 टूनॉट साईट जॉच के लिए उपलब्ध है। वर्ष 2022 में शासन की ओर से सभी ब्लाक पर टीबी की अत्याधूनिक जॉच के लिए टूनॉट मशीन उपलब्ध करायी गई है। डॉट्स पद्धति से नियमित उपचार पूर्ण कर लेने के उपरान्त लगभग 90 प्रतिशत क्षय रोगी टीबी की बीमारी से मुक्ति पा चुके हैं।
टीबी के मुख्य लक्षण
क्षय अधिकारी डॉ. लोधी ने बताया कि टीबी होने से मरीजों को खंखार (बलगम) में खुन आना,दो सप्ताह से अधिक खाँसी आना, भुख न लगना, लगातार बुखार रहना, वजन में कमी, छाती में दर्द होना जैसे लक्षण मालूम पड़ते हैं। इसमें से किसी भी लक्षण के पाये जाने पर मरीज को अपने निकटस्थ स्वास्थ्य केन्द्र में जाकर खंखार की जांच करवानी चाहिए। जांच के उपरान्त टीब. के मरीजों का डॉट्स पद्धति द्वारा ईलाज मरीज के गांव के स्वास्थ्य कार्यकर्ता की सीधी देखरेख में किया जाता है।
टीबी के संबंध में ध्यान देने योग्य बाते
डॉ. लोधी ने बताया कि यदि किसी भी व्यक्ति में टीबी के लक्षण पाए जाते है एवं पॉजिटिव टीबी मरीज होता है तो 10-15 व्यक्तियों को संक्रमित कर सकता है। यदि किसी में भी टीबी के लक्षण हो तो वह स्वयं जाकर निकटतम स्वास्थ्य केन्द्र में खंकार परीक्षण अवश्य करवाए। यह ध्यान देवे कि वह व्यक्ति टीबी का मरीज नहीं है जो कि खकार परीक्षण करवा रहा है। शासन द्वारा मरीजां को उपचार अवधि में 500 रूपये पोषण आहार के लिए डीबीटी के माध्यम से सीधे बैंक खाते में दिए जाते है। इसके लिए टीबी मरीज को अपना खाता स्वास्थ्य कार्यकर्ता को देना होगा या फिर टीबी आरोग्य साथी एप के माध्यम से मरीज स्वयं अपनी बैंक की जानकारी निक्षय पटल पर अंकित कर सकते है। एप गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है। जिला क्षय अधिकारी डॉ आफताब लोदी ने जिले के समस्त प्रायवेट चिकित्सको से अपील की है कि क्षय रोगियों की स्क्रीनिंग करते हुए उनका नोटिफिकेशन भी करे।
जिले में 2017 से जनवरी-फरवरी 2023 तक 23224 क्षय रोगी जांच में पाए
जिला क्षय अधिकारी डॉ. लोधी ने बताया कि जिले में वर्ष 2017 से जनवरी व फरवरी 2023 तक कुल 23224 टीबी के मरीज जाएं में पाएं गए हैं। वर्ष 2017 में जांच के दौरान टीबी के 3512, 2018 में 3898, 2019 में 4385, 2020 में 2825, 2021 में 4075, 2022 में 3989 तथा जनवरी और फरवरी माह में जांच के दौरान 540 टीबी के मरीज पाएं गए हैं।

