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Friday, 9 October 2026
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हौसलों की उड़ान: लडकियां और महिलाये जेंडर बराबरी के लिए ले रही नेतृव

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सिनर्जी संस्थान द्वारा संचालित उड़ान कार्यक्रम जो कि ( 1- 21) वर्षीय किशोरी लड़कियो व महिलाओं के सपनों और उनकी नेतृत्व क्षमता विकास पर कार्यरत है। उड़ान कार्यक्रम में प्रत्येक वर्ष हरदा जिले से २० लडकियों का चयन किया जाता है! अब तक ६ बैच पूर्ण हो चुकी है. पांचवी और छटवी बैच 6 की प्रतिभागियों एक वर्ष की यात्रा पूर्ण होने के अवसर जश्न ए- महिला नेतृत्व उत्सव का आयोजन १६ नवम्बर २०२२ को स्थानीय समारोह परिसर में किया गया था। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में महिला व बाल विकास विभाग से मुख्य अधिकारी संजय त्रिपाठी एवं राहुल दुबे, सामाजिक कार्यकर्ता शोभा बाजपेयी, जिला चिकित्सालय से संगीता राजपूत मैम उपस्थित हुए। कार्यक्रम में 30 उड़ान प्रतिभागियों ने गीत, आदिवासी सांस्कृतिक नृत्य, नुक्कड़ नाटक, कविता, कहानियों के माध्यम से अपनी एक वर्ष की उड़ान कार्यक्रम की सीख और समझ को लड़कियों और महिलाओं से संबंधित मुद्दों को अलग अलग सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से प्रस्तुत किया। उड़ान प्रतिभागियों ने कार्यक्रम के दोरान उन्होंने जो स्वयं, परिवार और समाज में बाल विवाह, छेड़छाड़, माहवारी, लडकियों की शिक्षा, खेल के अधिकार, स्वस्थ्य और पोषण, घरेलु हिंशा जैसे विषयों पर अपने अपने गाओ में किये गए कार्यो को प्रस्तुत किया.

कार्यक्रम में १६० से अधिक साथियो ने सहभागिता की!

कार्यक्रम में महिला बाल विकास से आये राहुल दुबे जी उड़ान कार्यक्रम की प्रतिभागियों को साइबर सुरक्षा सखी कार्यक्रम के माध्यम से लड़कियों और महिलाओं के खिलाफ़ बढ़ते हुए क्राइम के माध्यम से जागरूक किया। साथ ही प्रतिभागियों के साथ साइबर सुरक्षा सखी को लेकर एक उन्मुखीकरण कार्यशाला का प्रस्ताव भी रखा जिससे कि समाज में और लड़किया व महिलाएं भी इसके प्रति सशक्त और जागरूक हों सकें। सामाजिक कार्यकर्ता शोभा बाजपेयी मैम ने लड़कियो और महिलाओं के शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करते हुए बताया कि लड़कियो के सर्वांगीण विकास और उनकी नेतृत्व क्षमता को बढ़ाते रहने के लिए इस तरह के कार्यक्रम करते रहना बहुत महत्वपूर्ण हैं। जिससे कि लड़कियों को भी अपनी आंतरिक दबी हुई क्षमताओं को बाहर निकलने के अवसर इस तरह के कार्यक्रमों के माध्यम से मिलता रहें। संस्था के सी ई ओ विमल जाट ने उड़ान कार्यक्रम के बारे में बताते हुए कहा की महिलाओ की समाज में बराबर भागीदारी के लिए महिलाओ के नेतृत्व और उनको सपनो पर काम करना आवश्यक है, उनकी रहो में जो बाधाये है वह प्रमुख रूप से लिंग भेदभाव और पितृसत्ता से जुडी है. इन रूकावटो को कैसे परिवार और समाज के साथ मिलते हुए पार करे और अपने सपनो को प्राप्त करने के लिए नेतृत्व लें, उड़ान यही काम करता है.

कार्यक्रम के समापन अवसर पर उपस्थित मुख्य अतिथियों के द्वारा उड़ान कार्यक्रम की बैच.6 व 5 की प्रतिभागियों को उनकी यात्रा पूर्ण करने पर प्रमाण पत्र, मेडल, स्मृति चिन्ह भेंट देकर, सम्मानित और प्रोत्साहित किया।

विमल जाट

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